डमी परीक्षार्थी के जरिए परीक्षा दिलाने वाला अभ्यर्थी गिरफ्तार, पेपर लीक कांड में SOG की बड़ी कार्रवाई

SOG के अनुसार, संगठित गिरोह ने अभ्यर्थियों से अवैध रकम लेकर परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक कर उपलब्ध कराया और हल करवाया. इस प्रकरण में सामने आया कि सुरेश विश्नोई ने 24 दिसंबर 2022 की सामान्य ज्ञान एवं शैक्षणिक मनोविज्ञान परीक्षा अपने स्थान पर देने के लिए गणपतलाल विश्नोई को भेजा था.

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स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (SOG) ने कई भर्तियों में गड़बड़ी करने वाले तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. इसमें राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की वरिष्ठ अध्यापक (माध्यमिक शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा-2022 में पेपर लीक और डमी परीक्षार्थी के जरिए परीक्षा दिलाने के मामले में स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (SOG) ने फरार चल रहे अभ्यर्थी सुरेश कुमार विश्नोई को गिरफ्तार किया है. आरोपी लंबे समय से फरार था और उसके खिलाफ न्यायालय से स्थायी गिरफ्तारी वारंट भी जारी था.

जानकारी के अनुसार, RPSC द्वारा 24 दिसंबर 2022 को विज्ञान विषय तथा 29 जनवरी 2023 को सामान्य ज्ञान एवं शैक्षणिक मनोविज्ञान की परीक्षा आयोजित की गई थी. इसी मामले में 23 दिसंबर 2022 की देर रात उदयपुर के बेकरिया थाना क्षेत्र में पुलिस नाकाबंदी के दौरान एक बस से 37 अभ्यर्थियों, 4 डमी परीक्षार्थियों और गिरोह से जुड़े 4 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था. उनके पास परीक्षा से पहले लीक हुआ हल प्रश्नपत्र भी मिला था.

SOG के अनुसार, संगठित गिरोह ने अभ्यर्थियों से अवैध रकम लेकर परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक कर उपलब्ध कराया और हल करवाया. इस प्रकरण में सामने आया कि सुरेश विश्नोई ने 24 दिसंबर 2022 की सामान्य ज्ञान एवं शैक्षणिक मनोविज्ञान परीक्षा अपने स्थान पर देने के लिए गणपतलाल विश्नोई को भेजा था. डमी परीक्षा दिलाने के लिए 7 लाख रुपये में सौदा तय होने की बात भी जांच में सामने आई है.

JE भर्ती परीक्षा 2020 पेपर लीक

एसओजी जयपुर ने कनिष्ठ अभियन्ता भर्ती परीक्षा वर्ष 2020 के पेपर लीक मामले में वांछित अभियुक्त सुरेश कुमार (29) को गिरफ्तार किया है. यह मामला थाना सांगानेर, जयपुर पूर्व में दर्ज प्रकरण संख्या 540/2020 के तहत चल रहा था. पुलिस थाना सांचौर ने अभियुक्त को दस्तयाब कर एसओजी के सुपुर्द किया, जिसके बाद एसओजी ने उसे गिरफ्तार कर लिया. सुरेश कुमार जालौर का निवासी है और वर्तमान में सार्वजनिक निर्माण विभाग में सहायक अभियन्ता के पद पर कार्यरत बताया गया है.

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जांच में सामने आया कि आरोपी ने परीक्षा से पहले पेपर हासिल करने के लिए गणपतलाल मालवाडा से सौदा किया था. मालवाडा ने जगदीश बिश्नोई गैंग द्वारा लीक पेपर भूपेन्द्र सारण से प्राप्त कर सुरेश कुमार को परीक्षा पूर्व पढ़ाया. आरोपी ने नकद राशि देकर पेपर लिया और पहले ही तैयारी कर ली. एसओजी अब आरोपी से पूछताछ कर रही है और कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड लेकर आगे अनुसंधान करेगी. इस केस में अब तक 43 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं.

राजस्थान हाईकोर्ट लिपिक ग्रेड-II परीक्षा 2022 – ब्लूटूथ से नकल

स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (एसओजी) राजस्थान ने हाईकोर्ट लिपिक ग्रेड-द्वितीय भर्ती परीक्षा में ब्लूटूथ डिवाइस से नकल कराने के मामले में विकेश कुमार मान (29) को गिरफ्तार किया है. यह संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा 2022 के तहत 12 मार्च और 19 मार्च 2023 को आयोजित हुई थी. विकेश कुमार मान का परीक्षा केंद्र शहीद मेजर पूरण सिंह राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बीकानेर था, जहां उसने 19 मार्च को परीक्षा दी थी. आरोपी बीकानेर जिले के लूणकरणसर क्षेत्र का निवासी है.

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जांच के अनुसार संगठित नकल गिरोह के मुख्य आरोपी पौरव कालेर ने सालासर से मोबाइल फोन के जरिए प्रश्नपत्र के उत्तर भेजे. परीक्षा केंद्र में विकेश कुमार मान को ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से उत्तर सुनाकर नकल करवाई गई, जिससे वह चयनित हो गया. एसओजी ने इस तकनीकी नकल नेटवर्क की भूमिका की पुष्टि के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया. अब मामले में आगे की जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी की जा रही है.