कोटा मेडिकल कॉलेज में तीसरी प्रसूता की मौत की वजह आई सामने, प्रिंस‍िपल ने क‍िया खुलासा  

कोटा मेड‍िकल कॉलेज में भर्ती चार प्रसूताओं की हालत में सुधार हो रहा है. दो को वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है. जयपुर से जांच कमेटी कोटा पहुंची है. 

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कोटा मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल निलेश जैन में पिंकी महावर की मौत की वजह बताई है.

कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रसूता पिंकी महावर की मौत की वजह सामने आ गई है. मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर निलेश जैन ने कहा क‍ि प‍िंकी महावर की मौत हाई रिस्क प्रेगनेंसी की वजह से हुई है. उन्होंने बताया क‍ि प‍िंकी महावर को हाई रिस्क प्रेगनेंसी थी. सिजेरियन के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई. उसे सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में शिफ्ट किया गया था, जहां पर उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. इस महिला की मौत किडनी फेल्योर के किसी लक्षण से नहीं हुई है.  

पिंकी महावर को जेके लोन से किया था शिफ्ट  

कोटा मेड‍िकल कॉलेज में दो प्रसूताओं की पहले ही मौत हो चुकी है. रव‍िवार रात जेके लोन अस्‍पताल से मेड‍िकल कॉलेज अस्‍पताल आई प‍िंकी महावर की भी मौत हो गई. प्रिंसिपल ने प‍िंकी महावर की मौत को पहले दो प्रसूताओं की हुई से अलग बताया है.  

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6 प्रसूताओं को परेशानी थी  

मेड‍िकल कॉलेज के प्रिंस‍िपल न‍िलेश जैन ने बताया क‍ि 6 प्रसूताओं को दिक्कत हुई थी, जिनमें किडनी फेल्योर के लक्षण थे. पायल की पहले ही मौत हो गई थी. ज्योति की उपचार के दौरान मौत हो गई थी. दोनों में किडनी फेल्योर के लक्षण थे. इनके अलावा अस्पताल में भर्ती रागिनी, सुशीला, चंद्रकला और धनी का इलाज चल रहा है. धनी सीर‍ियस है. सुशील और चंद्रकला को वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है. उनकी स्थिति सामान्य है. 

धनी को आईसीयू में रखा गया था, वह वेंटिलेटर सपोर्ट पर है. उसका यूरिन पास नहीं हो रहा है, लेकिन डायलिसिस के जरिए मेनटेन किया जा रहा है. रागिनी की भी यही स्थिति है.  

"जेके लोन से आई प्रसूताओं के लक्षण अलग"

मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर निलेश जैन ने कहा क‍ि मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं और जेके लोन से आई प्रसूताओं के लक्षण अलग-अलग हैं, इसलिए दोनों को एक साथ जोड़कर नहीं देखा जा सकता.

प‍िंकी महावर से पहले दो और प्रसूताओं आरती और प‍िंकी को जेके लोन अस्‍पताल से कोटा मेड‍िकल अस्‍पताल में श‍िफ्त क‍िया था. आरती में किडनी फेल्योर के लक्षण हैं, उसकी स्थिति भी गंभीर बनी हुई है. जयपुर से आई टीम उसका उपचार कर रही है. प‍िंकी को हाई रिस्क प्रेगनेंसी की वजह से शिफ्ट किया गया है, वह भी सीरियस चल रही है. आपको बता दें पिंंकी अलग प्रसूता है. 

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