CBSE ने 2026 से उत्तर पुस्तिकाओं की जांच ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) से करने का फैसला लिया है, जिसका सीधा असर स्टूडेंट्स की परीक्षा तैयारी और आंसर लिखने के तरीके पर पड़ेगा. अब कॉपियां डिजिटल स्कैन करके स्क्रीन पर जांची जाएंगी, इसलिए लिखावट की स्पष्टता, उत्तरों की संरचना और प्रश्नानुसार सटीक प्रस्तुति बेहद अहम हो जाएगी. छात्रों को ध्यान रखना होगा कि ओवर राइटिंग, कटिंग और अस्पष्ट लिखावट से नंबर प्रभावित हो सकते हैं, क्योंकि स्क्रीन पर हर गलती ज्यादा स्पष्ट दिखती है.
OSM में ये सावधानियां जरूरी
ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) में आंसर शीट की डिजिटल क्वालिटी भी मायने रखेगी. छात्र यदि उत्तर क्रम से, हेडिंग और सब-हेडिंग निर्धारित स्थान पर लिखेंगे तो मूल्यांकन आसान होगा, और अंक मिलने की संभावना बढ़ेगी. आंसर शीट में खाली जगह, रफ कार्य की स्पष्ट पहचान और ग्राफ/डायग्राम की साफ ड्रॉइंग भी अहम रहेगी.
चूंकि टोटलिंग ऑटोमेटिक होगी, इसलिए हर प्रश्न का नंबर सही लिखना, और सभी उत्तर पूरा करना जरूरी है. किसी भी प्रश्न को बिना नंबर या गलत क्रम में लिखना नुकसानदेह हो सकता है.
इन बातों का रखना होगा ध्यान
- साफ-सुथरी और पढ़ने योग्य लिखावट रखें.
- ओवरराइटिंग और अनावश्यक कटिंग से बचें.
- हर उत्तर सही प्रश्न संख्या के साथ लिखें.
- हेडिंग-सब-हेडिंग और पॉइंट्स में उत्तर लिखें.
- डायग्राम/ग्राफ पेंसिल से साफ बनाएं.
- आंसर शीट में निर्धारित मार्जिन का पालन करें.
- सभी प्रश्नों का प्रयास करें, खाली न छोड़ें.
- रफ वर्क अलग और स्पष्ट दिखाएं.
- समय प्रबंधन रखें, जिससे अंत में रिवीजन कर सकें.
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