जालोर से जुड़े मुद्दे पर विधायक समरजीत सिंह ने सवाल करते हुए कहा कि मनरेगा के तहत काम तो स्वीकृत हो रहे हैं, लेकिन मजदूरों को समय पर भुगतान नहीं मिल रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि अधिकांश कार्यों की स्वीकृति जयपुर स्तर से दी जा रही है, जिससे प्रक्रिया में देरी हो रही है. इस पर ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने सदन में जवाब देते हुए मनरेगा के तहत स्वीकृत कार्यों की जानकारी दी.
"जिला स्तर पर स्वीकृति दी जाती है"
मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने स्पष्ट किया कि कार्यों की स्वीकृति के लिए राज्य स्तर पर फाइल नहीं मंगाई जाती है और स्वीकृति जिला स्तर पर ही दी जाती है. बहस के दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी मुद्दा उठाते हुए पूछा कि जिन मजदूरों को समय पर भुगतान नहीं हुआ है, उनके मामले में सरकार क्या कार्रवाई करेगी.
"भारत सरकार को पत्र लिखा जा चुका है"
इस पर मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि भुगतान में देरी का मुख्य कारण केंद्र सरकार के हिस्से की राशि का समय पर प्राप्त नहीं होना है. उन्होंने बताया कि इस संबंध में भारत सरकार को पत्र लिखा जा चुका है. मंत्री ने यह भी कहा कि कई मामलों में श्रमिकों की ओर से दस्तावेजों की पूर्ति समय पर नहीं हो पाती है, जिससे भुगतान प्रक्रिया प्रभावित होती है. केंद्र से राशि प्राप्त होते ही सभी लंबित भुगतान कर दिए जाएंगे.
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