Explainer: हर 8 मिनट में एक महिला की मौत! अब आ गई है सर्वाइकल कैंसर की वैक्सीन; पीएम मोदी राजस्थान से शुरू करेंगे अभियान

cervical Cancer: भारत में सर्वाइकल कैंसर को पूरी तरह से रोका जा सकता है. अगर समय पर स्क्रीनिंग की जाए या सही उम्र में वैक्सीनेशन दिया जाए, तो इसे 100 प्रतिशत रोका जा सकता है, लेकिन सबसे दुखद बात यह है कि जागरूकता और जांच की कमी के कारण अधिकांश मामले लास्ट स्टेज में पता चलते हैं, जहां इलाज बेहद  कठिन हो जाता है.

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cervical cancer

cervical cancer how its dangerous: सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) भारत में महिलाओं के लिए एक ऐसा नासूर बनता जा रहा है जो देश की आधी आबादी को धीरे- धीरे अपनी जद में लेकर उसे कमजोर बना रहा है. देश में बढ़ रहे इसके मामले बेहद चिंताजनक है. इस सराहनीय पहल के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल (28 फरवरी 2026) को राजस्थान के अजमेर से इस घातक बीमारी से लड़ने की वैक्सीन को राष्ट्रीय स्तर पर लॉन्च करेंगे. जिसे स्वास्थ्य की दिशा में एक नई किरण के रूप में देखा जा रहा है. 

हर 8 मिनट में एक महिला की  मौत ले रहा है सर्वाइकल कैंसर

भारत में पिछले साल 2025 में जारी सर्वाइकल कैंसर के आंकड़े बेहद चिंताजनक हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, भारत में हर साल लगभग 1.25 लाख नए मामले सामने आते हैं और करीब 75,000 महिलाओं की मौत इस बीमारी से हो जाती है.

एम्स दिल्ली के आईआरसीएच में प्रिवेंटिव ऑन्कोलॉजी की वैज्ञानिक डॉ. सुजाता पाठक बताती है कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं को होने वाला सबसे आम कैंसर हैं. भारत में, हर आठ मिनट में एक महिला की सर्वाइकल कैंसर(Cervical Cancer) से मौत हो जाती है. इससे पता चलता है कि यह कितना बड़ा बोझ है. कई देशों में मौतों का आंकड़ा कम है. लेकिन इससे इस बीमारी की जटिलता कम नहीं हो जाती है.

भारत में भी इसे पूरी तरह से रोका जा सकता है. अगर समय पर स्क्रीनिंग की जाए या सही उम्र में वैक्सीनेशन दिया जाए, तो इसे 100 प्रतिशत रोका जा सकता है, लेकिन सबसे दुखद बात यह है कि जागरूकता और जांच की कमी के कारण अधिकांश मामले लास्ट स्टेज में पता चलते हैं, जहां इलाज बेहद  कठिन हो जाता है.

क्या है सर्वाइकल कैंसर 

सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) गर्भाशय के निचले, संकरे हिस्से यानी सर्विक्स में होने वाला कैंसर है. यह मुख्य रूप से ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) के लंबे समय तक संक्रमण के कारण होता है। यह कैंसर धीरे-धीरे विकसित होता है और समय पर जांच (जैसे पैप स्मीयर) व HPV टीके से इसका प्रभावी ढंग से बचाव संभव है.

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क्या है यह HPV टीका और कैसे होगा इससे बचाव

पीएम मोदी के जरिए जिस HPV (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीका की शनिवार से अजमेर में शुरूआत की जा रही है , वह इस बीमारी के लिए  एक अत्यधिक प्रभावी वैक्सीन है जो सर्वाइकल (गर्भाशय ग्रीवा) कैंसर सहित 6 प्रकार के कैंसर और जननांगों के मस्सों (Genital Warts) से सुरक्षा प्रदान करती है. यह वायरस (मुख्यतः 16 और 18) से होने वाले संक्रमण को रोककर, कैंसर के 90% से अधिक मामलों से बचाता है.एचपीवी वैक्सीन 2006 से उपलब्ध है, लेकिन जागरूकता बहुत कम है. लेकिन  अब धीरे धीरे इस बीमारी के प्रति लोगों की  जागरूकता बढ़ी है क्योंकि डब्ल्यूएचओ ने सर्वाइकल कैंसर को एक बड़ी पब्लिक हेल्थ प्रॉब्लम घोषित किया है.डॉ. मोदी ने बताते है कि यौन गतिविधि शुरू करने से पहले किशोरों के लिए एचपीवी वैक्सीनेशन की सलाह दी जाती है, जो सबसे ज्यादा ऑन्कोजेनिक एचपीवी टाइप से बचाकर ज्यादातर सर्वाइकल कैंसर के मामलों को रोक सकता है. वैक्सीनेशन प्रोग्राम एचपीवी संक्रमण, प्री-कैंसर घावों और भविष्य में कैंसर के मामलों को काफी कम कर देते हैं.

 राजस्थान से मिशन की शुरुआत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राजस्थान से इस अभियान को हरी झंडी दिखाना एक बड़े राष्ट्रव्यापी टीकाकरण कार्यक्रम की नींव है. सरकार की योजना इसे यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम के तहत स्कूलों और सरकारी अस्पतालों के माध्यम से हर लड़की तक पहुंचाने की है. शुरुआती चरण में 9 से 14 वर्ष की लड़कियों को प्राथमिकता दी जाएगी, क्योंकि डॉक्टरों का मानना है कि यौन सक्रिय होने से पहले दी गई यह वैक्सीन जीवनभर के लिए 90% से अधिक सुरक्षा प्रदान करती है.

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जागरूकता और बचाव से ही बचेगी आधी आबादी

सर्वाइकल कैंसर उन चुनिंदा कैंसरों में से है जिसे पूरी तरह से रोका जा सकता है. वैक्सीन के साथ-साथ 'पैप स्मीयर' (Pap Smear) जैसे सरल टेस्ट के जरिए शुरुआती बदलावों को पकड़ा जा सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि यदि 90% लड़कियों का टीकाकरण हो जाए और नियमित जांच की आदत डाली जाए, तो भारत आने वाले कुछ दशकों में सर्वाइकल कैंसर मुक्त देश बन सकता है.