CM Bhajanlal Sharma announcement: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार (6 फरवरी) को विधानसभा में कहा कि राज्य वृक्ष खेजड़ी के संरक्षण के लिए नया कानून बनाया जाएगा. उन्होंने कहा कि कानून बनाने प्रक्रिया के तहत मसौदा विधेयक सदन में पेश किया जाएगा. मुख्यमंत्री, विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब दे रहे थे. सीएम ने कहा, "खेजड़ी केवल एक वृक्ष नहीं, राजस्थान के त्याग, शौर्य और जीवंतता का प्रतीक है. 'विकास भी, विरासत भी' के संकल्प के साथ हमारी सरकार अब खेजड़ी के संरक्षण के लिए सशक्त कानून लाएगी. हम अपनी जड़ों को सुरक्षित कर, आने वाली पीढ़ियों को एक हरा-भरा और समृद्ध प्रदेश सौंपने हेतु प्रतिबद्ध हैं."
प्रक्रिया पूरी होते ही मसौदा पेश करेंगे- सीएम
उन्होंने कहा कि खेजड़ी के महत्व को देखते हुए राज्य सरकार ने इसे राज्य वृक्ष घोषित किया है और उसे बचाने के लिए सभी को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सामूहिक प्रयास करना होगा.
मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं सदन के माध्यम से राजस्थान की जनता को आश्वस्त करना चाहता हूं कि राज्य के कल्पवृक्ष खेजड़ी को बचाने के लिए कानून लाएंगे ताकि प्रदेश में खेजड़ी संरक्षित रहे.” शर्मा ने कहा कि उन्होंने खेजड़ी संरक्षण के लिए कानून बनाने के संबंध में निर्देश दे दिए थे और प्रक्रिया पूरी होते ही हम सदन में इसका मसौदा पेश करेंगे.
बीकानेर में पर्यावरण प्रेमियों का धरना जारी
बता दें कि बीकानेर में पर्यावरण प्रेमियों और संत समुदाय का धरना जारी है. स्थानीय लोग पेड़ संरक्षण विधेयक लाने और राजस्थान के राज्य वृक्ष खेजड़ी की कटाई पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे हैं. बीते दिन (5 फरवरी) प्रतिनिधिमंडल में मंत्री के के बिश्नोई, राज्य जीव-जंतु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष जसवंत सिंह बिश्नोई और भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारीलाल बिश्नोई भी आंदोलनकारियों से बातचीत करने के लिए महापड़ाव स्थल पर पहुंचे थे. हालांकि, आंदोलन अब भी जारी है. आंदोलनकारियों ने दो मुख्य मांगें रखी हैं. उनका कहना है कि इसी विधानसभा सत्र में वृक्ष संरक्षण कानून बनाया जाए और पूरे राज्य में खेजड़ी के पेड़ों की कटाई पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगे.
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