Rajasthan Congress Crisis: फिर सामने आई कांग्रेस की गुटबाजी, प्रदेश सह प्रभारी के समाने ही दावेदारों ने किया शक्ति प्रदर्शन

दावेदारों का शक्ति प्रदर्शन देखने के बाद काजी ने कहा, 'कांग्रेस के पक्ष में माहौल है. हम हर जिले में जा रहे हैं. यह हमारी रणनीति का हिस्सा है. जल्द स्क्रीनिंग कमेटी टिकट तय करेगी.'

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बूंदी में शक्ति प्रदर्शन करते कांग्रेस दावेदार.

Rajasthan News: राजस्थान में सरकार रिपीट करने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) जोर-शोर से विधानसभा चुनाव की तैयारियों में लगे हुए हैं. वे खुद जनता के बीच जाकर उन्हें सरकार की स्कीम और उपलब्धियों के बारे में बता रहे हैं. लेकिन कांग्रेस के अंदर की गुटबाजी बार-बार सामने आने से उनकी परेशानी बढ़ाती नजर आ रही है. कुछ ऐसा ही नजारा गुरुवार रात बूंदी जिले से सामने आया है, जिसके बाद प्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी की चर्चा जोर पकड़ने लगी है.

दावेदारों ने किया शक्ति प्रदर्शन

मामला देर रात का है जब प्रदेश कांग्रेस के सह प्रभारी काजी निजामुद्दीन (Muhammad Nizamuddin) बूंदी दौरे पर पहुंचे थे. इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओ ने सर्किट हाउस में फूल मालाएं पहनाकर जोरशोर से उनका स्वागत किया. इस दौरान कुछ दावेदारों ने भी काजी निजामुद्दीन से मुलाकात की. इसी के बाद वहां माहौल बिगड़ गया. बताया जा रहा है कि काजी के सामने ही दावेदारों के गुट ने एक दूसरे के खिलाफ नारेबाजी शुरू की दी, और फिर अपने-अपने समर्थको के साथ शक्ति प्रदर्शन करने लगे. ये देखकर काजी बोले- 'कांग्रेस के पक्ष में माहौल है. हम हर जिले में जा रहे हैं. यह हमारी रणनीति का हिस्सा है. जल्द स्क्रीनिंग कमेटी टिकट तय करेगी.'

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जल्द जारी होगी पहली लिस्ट

दरअसल, राजस्थान में विधानसभा चुनाव दहलीज पर है. कांग्रेस की ओर से जल्द ही टिकटों की पहली सूची जारी करने की चर्चा भी अब तेज होने लगी है. टिकटों को लेकर बड़े स्तर पर मंथन किया जा रहा है. पार्टी की ओर से सर्वे भी करवाए गए हैं. संभावनाएं जताई जा रही हैं कि कांग्रेस अक्टूबर की शुरुआत में टिकट की पहली सूची जारी कर सकती है. सूत्रों की मानें तो कांग्रेस की ओर से 6 सर्वे करवाए गए हैं, जिनमें मुख्यमंत्री और पार्टी विरोधी लहर प्रदेश में नहीं दिखाई दे रही है. लेकिन मौजूदा मंत्रियों और विधायकों को लेकर आम जनता में नाराजगी सामने आई है. 

33 सीटों पर नए उम्मीदवार!

इसी के चलते कहा जा रहा है कि 60 से 70 नेताओं की रिपोर्ट निगेटिव आई है, जिसमें मंत्री, विधायक, और पूर्व प्रत्याशी शामिल हैं. ऐसे में कांग्रेस फिलहाल जीताऊ और टिकाऊ उमीदवार को ही चुनावी मैदान में उतरना चाहती है, जिसके चलते कई नेताओं के टिकट काटने की संभावना बताई जा रही है. कहा जा रहा है कि सर्वे में निगेटिव रिपोर्ट वाली 60-70 सीटों को लेकर आलाकमान को भी रिपोर्ट भेजी गई है, जिसमें 33 सीटों को लेकर आलाकमान ने प्रत्याशी बदलने के संकेत दे दिए हैं. इन 33 सीटों में दो मौजूदा कैबिनेट मंत्री, दो राज्य मंत्री, 22 विधायक और सात पूर्व प्रत्याशी शामिल हैं. इन सीटों पर कांग्रेस सर्वे में सीधे तौर पर हारती हुई दिख रही है.