कभी किसानों के साथ, कभी खिलाफ? हनुमान बेनीवाल के इस फैसले का कांग्रेस नेता भी कर रहे विरोध

लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और आरएलपी के गठबंधन में सबकुछ ठीक नहीं दिख रहा है. मिर्धा परिवार के सदस्य और कांग्रेस नेता मनीष मिर्धा ने आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल पर तीखा हमला बोला है.

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RLP- Congress Alliance: लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और आरएलपी के गठबंधन में सबकुछ ठीक नहीं दिख रहा है. नागौर सीट पर दोनों पार्टियो के संयुक्त प्रत्याशी के तौर पर हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) ने बीजेपी को शिकस्त दी थी. अब बेनीवाल के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है. मिर्धा परिवार के सदस्य और कांग्रेस नेता मनीष मिर्धा ने आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि "750 किसानों की शहादत पर खाया हुआ माल, इस संयुक्त रैली से निकालेंगे हनुमान? क्या यही है हमारे किसानों की शहादत का सम्मान.??"

हरियाणा में जेजेपी के समर्थन में बेनीवाल करेंगे रैली

दरअसल, हरियाणा में डबवाली विधानसभा सीट मे जनननायक जनता पार्टी (जेजेपी) से दिग्विजय चौटाला चुनाव लड़ रहे हैं. कभी बीजेपी के सहयोगी रह चुकी दुष्यंत चौटाला की इस पार्टी के प्रत्याशी के समर्थन में अब बेनीवाल वोट मांगेगे. चौटाला के समर्थन में वोट की अपील के लिए हनुमान बेनीवाल भी 3 अक्टूबर दोपहर 1:30 बजे संयुक्त रैली करेंगे. इसी वजह से मिर्धा बेनीवाल का विरोध करते हुए उन्हें किसान आंदोलन की याद दिला रहे हैं. क्योंकि एनडीए गठबंधन का हिस्सा रह चुके बेनीवाल ने किसान आंदोलन के विरोध में ही गठबंधन छोड़ दिया था.

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मनीष मिर्धा ने बेनीवाल को याद दिलाई ये बात 

नागौर से कांग्रेस नेता मनीष मिर्धा ने हनुमान बेनीवाल के चुनाव प्रचार के कार्यक्रम का विरोध जताया है. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट 'X' पर पोस्ट करते हुए कहा कि हनुमान बेनीवाल जी यदि आप रैली में जाते हैं तो आप अपने सभी चुनावी वादों और उन पर मत देने वाले मतदाताओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाएंगे. याद रखिए, किसान आंदोलन में शहीद हुए 750 किसान हमारे अपने भाई, बहन व बुज़ुर्ग थे. आपने सदैव किसान, पीड़ित व शोषित की आवाज उठाने का दावा किया, लेकिन आपका यह कदम उन सभी भावनाओं के खिलाफ है. आपका किसान भाइयों के हत्यारों के समर्थन में चुनाव प्रचार में जाना, आपके व्यक्तित्व पर नकारात्मक प्रभाव डालेगा. आपका यह कदम (जेजेपी का समर्थन) भाजपा के खिलाफ प्रचार नहीं, बल्कि किसान विरोधी ताकतों के पक्ष में प्रचार होगा. कृपया इससे बचें.  

आपका किसान भाइयों के हत्यारों के समर्थन में चुनाव प्रचार में जाना, आपके व्यक्तित्व पर नकारात्मक प्रभाव डालेगा. आपका यह कदम (जेजेपी का समर्थन) भाजपा के खिलाफ प्रचार नहीं, बल्कि किसान विरोधी ताकतों के पक्ष में प्रचार होगा. कृपया इससे बचें.  

कभी बहन के खिलाफ मनीष मिर्धा ने आरएलपी का दिया था साथ

खास बात यह है कि इस बार के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने कांग्रेस के बागी नेता ज्योति मिर्धा को मैदान में उतारा था. जब कांग्रेस ने आरएलपी के साथ गठबंधन किया तो ज्योति मिर्धा और हनुमान बेनीवाल की सीधी टक्कर हुई. इस रोचक मुकाबले में मिर्धा परिवार दो फाड़ हो गया था. ज्योति मिर्धा के चचेरे भाई मनीष मिर्धा ने अपनी ही बहन के खिलाफ हनुमान बेनीवाल को तन-मन-धन से सपोर्ट करने की बात कही थी.   

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