राजधानी जयपुर के पास महाराजा एक्सप्रेस को बेपटरी करने की एक बड़ी साजिश नाकाम हो गई. ट्रेन के लोको पायलट की सर्तकता से बड़ा हादसा होते-होते टल गया. राजस्थान में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आईआरसीटीसी लग्जरी ट्रेन महाराजा एक्सप्रेस का संचालन करता है, इसमें विदेशी पर्यटक थे.
जयपुर से रवाना हुई थी ट्रेन
सोमवार रात करीब 11 बजे ट्रेन जयपुर से सवाई माधोपुर के लिए रवाना हुई थी. शिवदासपुरा क्षेत्र में महात्मा गांधी अस्पताल के पास लोको पायलट को लोहे के एंगल दिखाई दिए. लोको पायलट ने तुरंत ट्रेन रोक दी. करीब 35 मिनट तक ट्रेन वहां रुकी रही. उतरकर देखा तो 4 लोहे के सरिए वहां रखे थे. ट्रेन में 21 विदेशी पर्यटक थे. हालांकि, लोको पायलट की सतर्कता से हादसा टल गया. करीब 12 बजे ट्रेन को वहां से रवाना किया गया.
ट्रेन आई तो आरोपी भाग गए
शिवदासपुरा थाना प्रभारी राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि मामले में FIR दर्ज की गई है.आस-पास के लोगों से पूछताछ जारी है. प्रथम दृष्टया नजर आ रहा है कि रेलवे पटरी के चारों ओर बाड़ाबंदी करने के लिए लोहे के एंगल लगाए जाते हैं. क्योंकि वह सुनसान इलाका है. लोग अक्सर उन एंगलों को चुराने के लिए आ जाते हैं. विशेष कर शराबी और स्मैकी किस्म के लोग ऐसा करते हैं. आस पास कई एंगल और स्लीपर उखड़े हुए थे. संभवता पटरी पर रख कर उसे तोड़ रहे होंगे. इतने में ट्रेन आई तो वे भाग गए. जांच जारी है.
सूचना पर अधिकारी मौके पर पहुंचे.
पहले भी डिरेल करने की कोशिश
इससे पहले भी ट्रैक पर कुछ रखकर ट्रेन को बेपटरी करने की कोशिश के कई मामले राजस्थान में आए हैं. विशेषकर वंदे भारत ट्रेन को लेकर ऐसे कई मामले सामने आए. यहां तक कि 2024 में 23 अगस्त से 10 सितंबर तक तीन बार ऐसी घटना सामने आई थी.
वंदे भारत तक में हो चुका पथराव
राजस्थान के सिरोही जिले में बीते साल सितंबर में अरावली एक्सप्रेस को बेपटरी करने की बड़ी साजिश सामने आई थी. बदमाशों ने यहां रेलवे ट्रैक पर खंभा डालकर ट्रेन को डिरेल करने की कोशिश की थी, लेकिन लोको पायलट की सूझबूझ से ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त होने से बच गई थी. प्रदेश में इससे पहले अजमेर में ट्रेन को डीरेल करने की साजिश का खुलासा हो चुका है. वहीं उदयपुर और अलवर में वंदे भारत ट्रेन पर पथराव करने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं.
घटनास्थल पर पहुंचे पुलिसकर्मी.
"जल्द ही आरोपियों को पकड़ लेंगे"
सीपीआरओ शशि किरण ने बताया कि मामले में गंभीरता बरतते हुए एफआईआर दर्ज करवाई है. राजस्थान पुलिस के साथ रेलवे सुरक्षा बल भी मामले की जांच कर रहा है. स्निफर डॉग्स के जरिए जांच की जा रही है. अभी तक की जानकारी के मुताबिक डॉग्स के जरिए सुरक्षा बल जल्द ही आरोपियों को पकड़ लेंगे. रेलवे यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.
3 लाख से 22 लाख तक है किराया
महाराजा एक्सप्रेस में 4 दिन-3 रात और 7 दिन-6 रात के पैकेज शामिल हैं. ये पैकेज अलग अलग श्रेणी में हैं. इंडियन स्प्लेंडर, इंडियन हेरिटेज ऑफ इंडिया, इंडियन पैनोरमा और ट्रेजर्स ऑफ इंडिया. इन पैकेज की शुरुआती 3 लाख 38 हजार 550 रुपए से शुरू है. प्रेसिडेंशियल सूट का 7 दिन 6 रात का पैकेज 22 लाख 87 हजार 500 रुपए तक है.
अक्टूबर से अप्रैल तक चलाई जाती है
इंडियन स्प्लेंडर पैकेज में दिल्ली, आगरा, रणथंभोर, जयपुर, बीकानेर, जोधपुर, उदयपुर मुंबई का पैकेज शामिल है. इंडियन पैनारोमा पैकेज में 7 दिन 6 रात के पैकेज में दिल्ली, जयपुर, रणथंभौर, फतेहपुर सीकरी, आगरा, खजुराहो, वाराणसी का टूर शामिल है. द हेरिटेज ऑफ इंडिया में मुंबई, जोधपुर, उदयपुर होते हुए जयपुर, रणथंभौर और आगरा का टूर व ट्रेज़र्स ऑफ इंडिया में दिल्ली आगरा रणथंभौर, जयपुर और दिल्ली का 4 दिन 3 रात का पैकेज शामिल है. यह ट्रेन अक्टूबर से अप्रैल तक चलाई जाती है.
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