मीटिंग में जगह नहीं मिली तो अपनी कुर्सी लेकर पहुंच गया पार्षद, अधिकारी लगे मुस्कुराने

अलवर में जिला परिषद की बैठक में शामिल पदाधिकारी पार्षद जगदीश जाटव को हाथ में कुर्सी लिए मीटिंग में आया देख मुस्कुराने लगे.

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कुर्सी हाथ में लिए पार्षद जगदीश जाटव
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अलवर में आज जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक में एक दिलचस्प मामला सामने आया. बैठक शुरू होने से पहले उस समय अलग स्थिति देखने को मिली, जब जिला पार्षद जगदीश जाटव अपने साथ एक प्लास्टिक की कुर्सी लेकर जिला परिषद परिसर पहुंच गए. उनके इस कदम ने बैठक शुरू होने से पहले ही सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया. 

मीडिया से बातचीत में जिला पार्षद जगदीश जाटव ने कहा कि जिला परिषद की बैठकों में उन्हें बैठने के लिए उचित व्यवस्था नहीं मिलती. इसी कारण वे इस बार अपनी कुर्सी साथ लेकर आए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें लगातार नजरअंदाज किया जाता है. साथ ही उन्होंने कहा कि वे दलित समाज से आते हैं और इसी वजह से उनके साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जाता है. 

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बाइक पर कुर्सी बांधकर बैठक के लिए आए पार्षद
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पार्षद जगदीश जाटव ने कहा,"मैं घर से कुर्सी लेकर आ गया क्योंकि पता नहीं सीओ साहब मुझे कुर्सी ना दें, फिर मुझे दरी-पट्टी पर बैठना पड़े, इसलिए कुर्सी लेकर आ गया."

कमरे में अपनी बात रखते हुए पार्षद
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भेदभाव के लगाए आरोप

जगदीश जाटव ने भाजपा सरकार और जिला परिषद की व्यवस्थाओं पर भी कई आरोप लगाए. उनका कहना था कि जनप्रतिनिधियों को सम्मानजनक माहौल मिलना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है. उन्होंने संबंधित अधिकारियों से बैठक व्यवस्था में सुधार करने और सभी जनप्रतिनिधियों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग की. जिला परिषद परिसर में कुछ देर तक उनके इस विरोध को लेकर चर्चा का माहौल बना रहा. 

मोटरबाइक से कुर्सी लेकर आए पार्षद खुद ही अपनी कुर्सी को लेकर मीटिंग कक्ष में पहुंचे. उन्हें इस तरह से विरोध जताता देख कई अधिकारी और प्रतिनिधि मुस्कुरा उठे. पार्षद ने कमरे में ही खाली जगह पर अपनी कुर्सी रख दी और बैठ गए. इसके बाद जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शुरू हुई, जिसमें विभिन्न विभागों से जुड़े विकास कार्यों, योजनाओं और जनहित के मुद्दों पर चर्चा की गई.

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