'गौ माता सिर्फ वोट का जरिया', टीकाराम जूली बोले- 'MLA ने गलत व्यवहार किया, कार्रवाई होने तक नहीं चलने देंगे सदन'

सदन में विधायकों के बीच हुई तीखी झड़प और हाथापाई की नौबत के बाद जूली ने दो टूक कहा- 'जब तक अमर्यादित व्यवहार करने वाले MLA पर कार्रवाई नहीं होती, सदन की कार्यवाही नहीं चलने दी जाएगी.'

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'जब तक कार्रवाई नहीं, सदन नहीं चलने देंगे', विधायकों की भिड़ंत के बाद जूली का अल्टीमेटम
NDTV Reporter

Rajasthan News: राजस्थान विधानसभा में मंगलवार को हाई-वोल्टेज सियासी ड्रामा देखने को मिला. इसकी शुरुआत भाजपा विधायक बालमुकुंद आचार्य के एक सवाल से हुई. उन्होंने विधानसभा के अंदर पूछा कि क्या भजनलाल सरकार गाय को 'राज्य माता' का दर्जा देने पर कोई विचार कर रही है? इसके जवाब में मंत्री जोराराम कुमावत ने जैसे ही कहा कि 'ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है', विपक्ष हमलावर हो गया. 

'मेरा नाम आया तो तुरंत इस्तीफा दे दूंगा'

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने हिंगोनिया गौशाला का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि जयपुर में बछड़े का कटा सिर लटकाया गया और सत्ता पक्ष का एक विधायक आरोपी को बचा रहा है. देखते ही देखते कांग्रेस विधायकों ने सदन में गाय के कटे सिर के पोस्टर लहराने शुरू कर दिए. आरोपों की सुई जैसे ही सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा की तरफ घूमी, वे आगबबूला हो गए. शर्मा ने सदन में कहा, 'अगर इसमें मेरा कोई आदमी शामिल निकला तो मैं विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दूंगा.' 

4 बार स्थगित हुई विधानसभा की कार्यवाही

हंगामा इतना बढ़ा कि स्पीकर वासुदेव देवनानी ने इसे प्री-प्लान्ड साजिश करार दिया. उन्होंने मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग को गोपाल शर्मा को बैठाने का निर्देश दिया, लेकिन शोर-शराबा नहीं थमा और सदन को पहले 12 बजे तक, फिर 12:30 बजे तक, उसके बाद 1 बजे तक और आखिरी में 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया.

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विधायकों के बीच हाथापाई की नौबत आई

कार्यवाही स्थगित होने के बाद गोपाल शर्मा सदन की मर्यादा भूलकर सीधे विपक्ष की बेंचों की तरफ जा पहुंचे. वहां उनकी पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा और अशोक चांदना से तीखी बहस शुरू हो गई. बात इतनी बिगड़ गई कि दोनों तरफ से हाथ चलने ही वाले थे कि तभी संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल और अन्य विधायकों ने बीच-बचाव किया. विधायक गोपाल शर्मा को जबरन पकड़कर लॉबी में ले जाया गया, तब जाकर कहीं मामला शांत हुआ.

'गाय को बचाने के लिए सरकार की कार्रवाई नाकाफी'

इस घटनाक्रम के बाद टीकाराम जूली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा, 'विधानसभा में हुआ घटनाक्रम निंदनीय है. सरकार गौ हत्या के मामलों में ढिलाई बरत रही है. भाजपा के विधायक गौ हत्या करने वालों को छुड़वा रहे हैं. उनके खिलाफ भी एक्शन लिया जाना चाहिए.' उन्होंने कहा कि एक समय गौ माता को राज्य माता का दर्जा दिलाने की बात की जाती थी, लेकिन आज इस सवाल पर मंत्री सदन में स्पष्ट जवाब देने से बचते नजर आए.

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'सिर्फ वोट मांगने का जरिया बनी गौ माता'

जूली ने आरोप लगाया कि भाजपा के लिए गौ माता केवल वोट लेने का जरिया बन गई है. चुनाव के समय वादे किए जाते हैं, लेकिन बाद में उन्हें भुला दिया जाता है. जूली ने गौशालाओं की जमीन पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि भू माफिया द्वारा जमीन हड़पी जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि 1100 बीघा जमीन की रजिस्ट्री एक ही दिन में कर दी गई.

'लिखित शिकायत देंगे, कार्रवाई होने तक सदन नहीं चलने देंगे'

वहीं, विधानसभा में हुए घटनाक्रम पर जूली ने कहा कि भाजपा के कुछ विधायक उनकी ओर आक्रामक ढंग से बढ़े और स्पीकर के टोकने के बाद भी नहीं रुके. उन्होंने इसे अनुचित आचरण बताया और कहा कि इस मामले में स्पीकर को लिखित शिकायत दी जाएगी. जूली ने कहा कि उन्होंने स्पीकर से वीडियो रिकॉर्डिंग देखने का आग्रह किया है और जिस सदस्य ने अनुचित व्यवहार किया है उसके खिलाफ कार्रवाई होने के बाद ही सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चल सकेगी.

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