महापंचायत में दलित नेताओं ने भरी हुंकार, एससी-एसटी जमीन पर नहीं बनने देंगे अस्पताल

दलित नेताओं के अनुसार बापा सेवा सदन की जमीन एससी-एसटी समाज के उत्थान के लिए आवंटित है. जमीन पर स्थानीय विधायक अपने पिता पंडित भंवरलाल के नाम से जिला उप-जिला अस्पताल बनाना चाहते हैं, जिसे लेकर दलित नेताओं ने महापंचायत बुलाई है.

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महापंचायत को संबोधित करते दलित नेता

चुरू जिले (Churu District) के सरदारशहर तहसील में बुधवार को बापा सेवा सदन में एससी-एसटी (SC-ST) महापंचायत का आयोजन जमीन बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले हुआ. पंचायत का आयोजन स्थानीय विधायक अनिल शर्मा द्वारा दलित समाज की जमीन पर बनाए जा रहे उप-जिला अस्पताल के विरोध को लेकर किया गया. 

महापंचायत में प्रदर्शन करते दलित समाज के लोग

महापंचायत की अध्यक्षता कर रहे श्रवण कुमार चिराणिया ने कहा कि आगामी 25 अगस्त को मुख्यमंत्री अस्पताल के शिलान्यास के लिए आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर यहां पर अस्पताल का निर्माण शुरू हो गया तो दलित समाज के सपनों पर पानी फिर जाएगा. यह 37 बीघा जमीन पूर्व मंत्री चंदनमल बैद के प्रयास से दलित समाज की उत्थान हेतु आवंटित करवाई गयी थी, लेकिन यहां के स्थानीय विधायक अनिल शर्मा ने षड़यंत्रपूर्वक बापा सेवा सदन विद्यालय के जमीन की खातेदारी निरस्त करवाकर अपने पिता पंडित भंवरलाल शर्मा के नाम से उप-जिला अस्पताल के नाम आवंटित करवा ली.

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दलित नेताओं ने महापंचायत में आरोप लगाया कि बापा सेवा सदन स्कूल और सर्वोदय छात्रावास राजनैतिक षडयंत्रों के कारण बंद कर दिया गया है. अब यहां पर उप-जिला अस्पताल बनाने जा रहे है, हम ऐसा नहीं होने देगें. एससी-एसटी समाज के लोगों के साथ अन्याय हुआ है. यहां पर उच्च समाज के छात्रावास व बड़े-बड़े भवन बने हुए हैं, लेकिन हमारे एक छात्रावास को जिसमें दलित समाज के लोग पढ़कर अधिकारी बने उसे यहां के नेताओं ने बंद करवा दिया है.

महापंचायत में निर्णय लेते हुए दलित नेताओं ने कहा कि आने वाले समय में ग्रामीण क्षेत्र में भी बड़ी-बड़ी महापंचायतों को आयोजन होगा, उसमें समाज के लोगों को जागरूक करने की मुहिम चलाई जाएगी. दलित नेता सुनील मीणा ने कहा कि बापा सेवा सदन स्कूल की जमीन हमारी मां है हम हमारी जमीन को हमारे हाथ से कभी नहीं जाने देंगे, चाहे हमें कोर्ट ही क्यों न जाना पड़े.

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रिपोर्ट के मुताबिक महापंचायत में बड़ी संख्या में दलित समाज के लोग पहुंचे थे। उन्होंने रैली निकालकर तहसीलदार कार्यालय में मुख्यमंत्री व जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन भी सौंपा. मौके पर ओम प्रकाश मेघवाल,सत्यनारायण मेघवाल, सुखाराम, लिलाधर दानोदिया आदि ने महापंचायत में अपने विचार व्यक्त किए.

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