दौसा की बेटी हेड कांस्टेबल प्रियंका ने किया कमाल, भारतीय पुलिस तीरंदाजी चैंपियनशिप में जीता गोल्ड

साधारण किसान पिता बद्रीप्रसाद मीना और गृहिणी माता मन्नो देवी की पुत्री प्रियंका ने अभावग्रस्त परिस्थितियों में संघर्ष करते हुए यह मुकाम हासिल किया है.

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प्रियंका मीणा

Rajasthan News: दौसा जिले की होनहार बेटी प्रियंका मीना ने 14th All India Police Archery Championship में स्वर्ण पदक जीतकर न केवल अपने गाँव बल्कि पूरे राजस्थान का नाम रोशन किया है. यह प्रतियोगिता छत्तीसगढ़ के दुर्ग-भिलाई में आयोजित हुई, जिसमें प्रियंका ने 50 मीटर मिक्स टीम स्पर्धा में गोल्ड मेडल हासिल कर राजस्थान पुलिस का गौरव बढ़ाया. प्रियंका मीना वर्तमान में जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में हेड कांस्टेबल पद पर तैनात हैं. वे लगातार 10वीं, 11वीं, 12वीं और 13वीं अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिताओं में भी राज्य को पदक दिलाती रही हैं, जिससे उनकी प्रतिभा और निरंतरता का अंदाजा लगाया जा सकता है.

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतना सपना

उन्होंने देश के सबसे बड़े खेल आयोजनों में भी अपनी छाप छोड़ी है. 37th National Games (गोवा) में भी प्रियंका स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं. इसके अलावा कई नेशनल रैंकिंग टूर्नामेंट में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक प्राप्त कर चुकी हैं तथा अंतरराष्ट्रीय चयन प्रतियोगिताओं में भी भाग ले चुकी हैं. उनका सपना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए पदक जीतना है.

14वीं अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी चैंपियनशिप 2026 छत्तीसगढ़ दुर्ग भिलाई में कंपाउंड इवेंट में मिक्स टीम में गोल्ड मेडल हासिल कियाइससे वर्ष 2021 में ग्रेटर नोएडा में गोल्ड मेडल प्राप्त किया वर्ष 2022 में देहरादून उत्तराखंड में गोल्ड मेडल कर चुकी है 

किसान परिवार की बेटी है प्रियंका

साधारण किसान पिता बद्रीप्रसाद मीना और गृहिणी माता मन्नो देवी की पुत्री प्रियंका ने अभावग्रस्त परिस्थितियों में संघर्ष करते हुए यह मुकाम हासिल किया है. वेपने खाली समय में विद्यालयों में जाकर बालिकाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करती हैं और आत्मरक्षा के गुर भी सिखाती हैं. महिला दिवस से पूर्व 8 मार्च को यह उपलब्धि हासिल कर प्रियंका ने यह संदेश दिया है कि महिलाएं हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं.

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राजेन्द्र प्रधान (महवा विधायक) ने प्रियंका को पदक जीतने पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पूरा क्षेत्र उनकी उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहा है. गाँव के लोगों ने भी प्रियंका को बधाइयाँ दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की.

प्रियंका मीना की सफलता निश्चित रूप से जिले के युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है.

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