डीग जिला पुलिस अधीक्षक (SP) शरण गोपीनाथ कांबले आज एक अलग ही अंदाज में नजर आए. जब वे नई सड़क स्थित लाल मनोहर लाल खंडेलवाल विद्यालय पहुंचे, तो वहां शिक्षक के रूप में नजर आए. सुबह 8 बजे जैसे ही एसपी ने माइक संभाला, पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा. शिक्षकों ने साफा और दुपट्टा पहनाकर राजस्थानी परंपरा के साथ उनका स्वागत किया.
"गांव वालों की उम्मीदों ने मुझे IPS बनाया"
एसपी कांबले ने अपने अतीत के पन्ने खोले. उन्होंने भावुक होते हुए कहा, "मैं एक बहुत ही साधारण परिवार से आता हूं. जब मैं छोटा था, तो गांव के लोग कहते थे कि यह लड़का एक दिन बड़ा अफसर बनेगा. मैंने उनकी उस उम्मीद को अपनी ताकत बना लिया." उन्होंने छात्रों को समझाया कि गरीबी या साधारण पृष्ठभूमि कभी भी सफलता के आड़े नहीं आती, बशर्ते आपके पास 'दृढ़ संकल्प' की शक्ति हो.
डिजिटल 'जहर' से बचने की चेतावनी
एसपी ने कहा कि सोशल मीडिया करियर का सबसे बड़ा कांटा है. उन्होंने छात्रों को आगाह किया, "जब तक वर्दी या अपना लक्ष्य हासिल न कर लो, इन आभासी दुनिया के चक्करों से दूर रहो." इसके साथ ही उन्होंने साइबर क्राइम की बारीकियों को समझाते हुए छात्रों को 'स्मार्ट और सुरक्षित' रहने के टिप्स दिए.
बेटियों के हौसलों को दी उड़ान
कार्यक्रम में स्कूल की प्रिंसिपल सुमित्रा धंधेल ने छात्राओं के प्रति विद्यालय के सुरक्षित वातावरण और उनके प्रोत्साहन की बात कही. एसपी ने भी छात्राओं को निर्भीक होकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया. इस दौरान कोतवाली थाना प्रभारी राम नरेश मीणा सहित पुलिस जाब्ता और स्कूल स्टाफ मौजूद रहा.
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