Rajasthan Fuel VAT: राजस्थान में एक बार फिर पेट्रोल-डीजल पर VAT घटाने की मांग शुरू हो गई है. हाल ही में तेल के दामों में 2-3 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. जिसके बाद राजस्थान में पेट्रोल-डीजल के दाम में और अधिक आग लग गई है. यहां पहले से ही तेल के दाम अन्य राज्यों से अधिक हैं. VAT कम करने की मांग कांग्रेस सरकार के दौरान ही की जा रही थी. वहीं विधानसभा चुनाव 2023 में VAT घटाने का आश्वासन भी दिया गया था. लेकिन इसके बाद तेल पर VAT कम करने पर सरकार फैसला नहीं ले पाई है. ऐसे में एक बार फिर इसे कम करने की मांग राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने की है.
राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन (RPDA) ने पेट्रोल और डीजल पर मूल्यवर्धित कर (VAT) घटाने की मांग की है ताकि किसानों व आम जनता को बढ़ती महंगाई से राहत मिले. संगठन ने इस मांग को लेकर गुरुवार (21 मई) को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को एक ज्ञापन सौंपा.
ज्ञापन में संगठन ने कहा है कि ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दाम बढ़े हैं. भारत में 15 मई एवं 19 मई, 2026 को ईंधन के दाम बढ़ाए गए.
बढ़ रही है महंगाई
इसमें कहा गया कि पेट्रोल और डीजल के दाम में बढ़ोतरी से आमजन के उपयोग में आने वाली सभी वस्तुएं धीरे-धीरे महंगी हो रही हैं क्योंकि दैनिक उपयोग में काम आने वाली वस्तुओं के मूल्य डीजल के मूल्यों से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े रहते हैं.
पेट्रोल पर 29 और डीजल पर 17 रुपये वैट
एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र भाटी ने कहा कि राजस्थान में फिलहाल पेट्रोल पर 29.04 प्रतिशत और डीजल पर 17.30 प्रतिशत वैट लगता है और जब भी ईंधन की कीमतें बढ़ती हैं तो राज्य का राजस्व अपने आप बढ़ जाता है. उन्होंने दावा किया कि हाल ही में ईंधन की कीमतों में हुई बढ़ोतरी से राज्य के राजस्व में पेट्रोल पर 95 पैसे प्रति लीटर और डीजल पर 58 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि हुई है.
भाटी ने सरकार से अनुरोध किया कि वह इस बढ़ोतरी से होने वाले अतिरिक्त राजस्व के बोझ को कम करे और महंगाई के दबाव का सामना कर रहे किसानों और उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करें.
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