Rajasthan: DGP का बड़ा बयान-हमारी पुलिस की इमेज बाहर ठीक नहीं, समाजसेवी करते हैं मदद

Rajasthan: राजस्थान के DGP उत्कल रंजन साहू ने कहा कि जब समाजसेवी हमारी मदद करते हैं तो हमें बहुत खुशी होती है. कोई तो वर्ग है, जो हमारे काम को अप्रीशीएट करती है. 

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जोधपुर में पत्रकारों से बातचीत करते राजस्थान डीजीपी उत्कल रंजन साहू.

Rajasthan: राजस्थान के डीजीपी आज (26 अगस्त) को जोधपुर के पुलिस लाइन में बैरीक और कैंटीन का उद्घाटन किया. डीजीपी उत्कल रंजन साहू ने कहा कि  पुलिस 24 घंटे कार्य करती है. लेकिन, जनरली हमारे पुलिस की इमेज बाहर कुछ ठीक नहीं है. जब कोई भी समाजसेवी आते हैं और हमारी मदद करते हैं तो हमें बहुत खुशी होती है. कोई तो वर्ग है, जो हमारे काम को अप्रीशीएट करती है, और हमारी सहायता करती है.

"पहले पुलिस में महिलाओं की संख्या कम थी"

उन्होंने कहा कि पहले पुलिस में महिलाओं की संख्या इतनी नहीं थी. जब संख्या बढ़ी है, तो उसके बाद उनकी जो सुविधाएं हैं, वो मिले, जिससे  तनाव मुक्त माहौल मिले. ढंग से ड्यूटी कर सकें. 

डीजीपी ने भिवाड़ी घटना किया चैलेंज 

भिवाड़ी की घटना पर डीजीपी ने कहा कि भिवाड़ी की घटना पुलिस के लिए वास्तव में चैलेंज है. पुलिस की तरफ से जितनी टीम लगानी थी,  पीछा करना था, वह सब हम कर चुके हैं. एडीजी क्राइम वहां जाकर गिरफ्तारी का प्रयास करके आए हैं. हमने उसको भी चैलेंज की तरह लिया है. हम उस क्राइम को खोलकर दिखाएंगे. 

भिवाड़ी की घटना पर डीजीपी ने कहा कि भिवाड़ी की घटना पुलिस के लिए वास्तव में चैलेंज है. पुलिस की तरफ से जितनी टीम लगानी थी,  पीछा करना था, वह सब हम कर चुके हैं. एडीजी क्राइम वहां जाकर गिरफ्तारी का प्रयास करके आए हैं. हमने उसको भी चैलेंज की तरह लिया है. हम उस क्राइम को खोलकर दिखाएंगे. 

"कांस्टेबल रैंक में वैकेंसी कुछ ज्यादा नहीं है"

पुलिस स्टाफ की कमी से जूझ रहा है, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि पुलिस में ज्यादा कमी नहीं है. प्रॉब्लम हमारी कई चीजों में है. जैसे प्रमोशन नहीं हो पाए हैं. कांस्टेबल रैंक में वैकेंसी कुछ ज्यादा नहीं है. हमारी जितनी पुलिस है, उसमें भी अच्छे से काम कर सकते हैं. 

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