धौलपुर में नगर परिषद के पांच कर्मचारियों के खिलाफ 11 सितंबर 2025 को ACB द्वारा की गई कार्रवाई का मामला शांत नही हुआ है. अब नगर परिषद के कार्यवाहक आयुक्त गुमान सिंह सैनी का ठेकेदार से 32000 रुपये की रिश्वत लेने का वीडियो सामने आया है. रिश्वत लेने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो वायरल होने के बाद नगर परिषद प्रशासन में हड़कंप मच गया है. कार्यवाहक आयुक्त द्वारा मोबाइल को बंद कर लिया है. वायरल वीडियो 3 महीने पूर्व का बताया जा रहा है.
ठेकेदार ने ढाई फीसदी कमीशन देने की कही बात
नगर परिषद का एक ठेकेदार कराये गए विकास कार्यों के एवज में रात के समय कार्यवाहक आयुक्त गुमान सिंह सैनी के आवास पर पहुंचकर 32000 रुपये की रिश्वत की राशि दे रहा है. रिश्वत की राशि से आयुक्त संतुष्ट नहीं हो रहा है, लेकिन ठेकेदार द्वारा 2 फीसदी की जगह ढाई प्रतिशत देने की बात कहकर 32000 की राशि को आयुक्त के हाथों में सौंप दिया है. वायरल वीडियो के अंतर्गत विकास के अन्य कामों को लेकर लेनदेन की भी बात की जा रही है.
भर्जी बिल भुगतान के लिए ठेकेदार बना रहा था दबाव- आयुक्त
नगर परिषद आयुक्त गुमान सिंह सैनी ने बताया चूरू का एक ठेकेदार नगर परिषद के विकास कार्य करवा रहा है. ठेकेदार द्वारा फर्जी बिलों का भुगतान करने का दवाव बनाया जा रहा था. आयुक्त ने बताया इसकी शिकायत धौलपुर कलेक्टर और एसपी को दी है. भरतपुर एसीबी की टीम ने 11 सितंबर 2025 को नगर परिषद कार्यालय में पांच कर्मचारियों को करीब 2 लाख की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था. इस कार्रवाई के दौरान ठेकेदार से 10 लाख की रिश्वत की मांग की गई थी. उस समय नगर परिषद आयुक्त अशोक शर्मा को एपीओ भी किया था.
धौलपुर नगर परिषद कार्यालय में काफी लंबे समय से भ्रष्टाचार का तगड़ा खेल चल रहा है. शहर में जितने भी विकास के कार्य हो रहे हैं, उन ठेकेदारों से भारी तादाद में कमीशन लिया जाता है. नगर परिषद के एक ठेकेदार ने बिना नाम छापने की शर्त पर बताया कि कंपटीशन में विकास कार्यों की रेट वैसे भी कम मिलती है. इसके बाद 35 से लेकर 50 परसेंट तक नगर परिषद के बाबू से लेकर आयुक्त तक अलग-अलग परसेंट में कमिशन लिया जाता है. अगर कमिशन नहीं देने की बात करते हैं तो पेमेंट को रोक दिया जाता है.