मुआवजे का झांसा देकर हड़पी करोड़ों की जमीन, बिना कागजात पढ़ाए करवा लिए थे दस्तखत

डीडवाना में रिंग रोड के लिए मुआवजे का वादा करके करोड़ों रुपये की जमीन हड़पने का मामला सामने आया है. जिसमें 6 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है.

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Didwana Kuchaman News
NDTV

राजस्थान के डीडवाना जिले के कुचामन सिटी में मुआवजे का झांसा देकर  एक पीड़ित परिवार की करोड़ों रुपये की पैतृक जमीन हड़पने का मामला सामने आया है.इस कथित धोखेबाजी को लेकर पीड़ित पक्ष की ओर से उदाराम कुमावत ने आज( 22जून)  कुचामन थाने में 6 नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है.मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. मामले को लेकर कुमावत समाज भी पीड़ित परिवार के समर्थन में उतर आया है.

रिंग रोड मुआवजे की आड़ में रची गई साजिश

मिली जानकारी के अनुसार, मामला कुचामम सिटी के दीपपुरा गांव की बेशकीमती जमीन से जुड़ा हुआ है. इस जमीन का एक बड़ा हिस्सा साल 2022 में रिंग रोड निर्माण परियोजना में चला गया था. परिवादी पक्ष का आरोप है कि  इसी को लेकर आरोपी मुआवजा दिलाने के नाम पर विश्वासघात कर  कई बार फोटो और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए. बाद में जब परिवार को संदेह हुआ कि मुआवजे के नाम पर उनकी करोड़ों मूल्य की जमीन हड़पने की साजिश रची गई है.

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राजस्व राज्य मंत्री से गुहार

 इसके बाद मामले को लेकर कुमावत विकास समिति के अध्यक्ष राजकुमार फौजी के नेतृत्व में समाज के प्रतिनिधियों ने स्थानीय विधायक एवं राजस्व राज्य मंत्री विजय सिंह चौधरी से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की.

 इसके बाद पीड़ित परिवार और समाज के लोग कुचामन थाने पहुंचे, जहां 6आरोपियों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई. मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी.

कुमावत समाज ने खोला मोर्चा

मामले को लेकर परिवादी उदाराम कुमावत ने बताया कि जमीन के बदले हमें मुआवजा दिलाने का भरोसा दिलाया गया, लेकिन दस्तावेज पढ़ने तक नहीं दिए गए और बाद में पता चला कि हमारी करोड़ों की जमीन से जुड़े कागजात तैयार कर लिए गए हैं.इसके लिएपुलिस से निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग कर रहे .

 कुमावत विकास समिति के अध्यक्ष राजकुमार फौजी ने कहा कि पूरा समाज पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है। हम चाहते हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और जो भी दोषी हों उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके.

पुलिस ने शुरू की कानूनी कार्रवाई

मामले में जांच अधिकारी उप निरीक्षक महावीर प्रसाद मीणा ने बताया कि परिवादी उदाराम की रिपोर्ट पर बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. मामले की जांच शुरू कर दी गई है. जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है.

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