बुजुर्ग दंपति को ठगो ने निशाना बनाकर लूटे 68 लाख रुपए, खुद को CBI ऑफिसर-मजिस्ट्रेट बताकर किया डिजिटल अरेस्ट

आरोपी ने पीड़ित दंपति को कॉल कर मनी लॉन्ड्रिंग के केस की धमकी दी. इसके बाद खुद को सीबीआई अधिकारी और मजिस्ट्रेट बताने वाले शख्स ने भी धमकाया. पूरे गिरोह ने सिलसिलेवार ढंग से पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट कर लाखों रुपए ठग लिए.

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पीड़ित भरत व्यास और उनकी पत्नी.

Udaipur Digital arrest case: मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी (उदयपुर) के पूर्व प्रशासनिक अधिकारी और उनकी पत्नी को डिजिटल अरेस्ट कर ठगी का मामला सामने आया है. साइबर ठगो ने दंपति से 67 लाख रूपए ऐंठ लिए. गिरोह के बदमाशों ने फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने का झांसा दिया औैर फिर लाखों की चपत लगाई. पीड़ित भरत व्यास की शिकायत पर उदयपुर के साइबर थाने ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है. मामला 28 दिसंबर का बताया जा रहा है. शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने पीड़ित से कहा कि एक व्यक्ति नरेश से 20 लाख रूपए का लेन-देन के चलते मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया गया है. इसके बाद जाल बिछाया और एक अन्य शख्स को सीबीआई का उच्चाधिकारी बताकर उससे भी बात कराई. 

फिर शुरू हुआ ठगी का खेल 

कॉल पर बात करने के दौरान पीड़ित दंपति को ठगों ने उलझाकर रखा और संपत्ति, बैंक बैलेंस, जेवर समेत कई जानकारी ली. उन्होंने पीड़ित को कोर्ट में पेश करने की धमकी भी दी. यही नहीं, एक अन्य आरोपी ने खुद को मजिस्ट्रेट बताते हुए जमानत के नाम पर 12 लाख रूपए ले लिए. बारी-बारी से करीब 68 लाख रूपए ले ट्रांसफर करा लिए. इसके बाद भी जब पीड़ित को परेशान करते रहे तो वह आखिरकार पुलिस के पास पहुंचा और शिकायत थाने को दी.

पुलिस ने दर्ज किया केस

जांच अधिकारी डीएसपी विनय चौधरी ने बताया कि रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज किया है और मामले की जांच जारी है. जानकारी के अनुसार, 28 दिसंबर को भरत व्यास के मोबाइल पर आरोपी का का कॉल आया और भरत व्यास के खिलाफ शिकायत दर्ज होने की बात कही. इसके कुछ देर बाद ही एक व्हाट्सएप कॉल आया, जिसमें व्यक्ति ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताया. 

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