राजस्थान के दौसा जिले में कॉन्ट्रैक्ट पर नर्सिंग और विभिन्न सरकारी पदों पर काम करनेवाले संविदा कर्मचारियों ने सरकार को अपनी मांगें बताने के लिए अनूठा रास्ता चुना है. ये कर्मचारी डीजे लेकर जयपुर तक की पदयात्रा करने निकल पड़े हैं. उनका कहना है कि वो जयपुर में कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा से मिलेंगे और उन्हें अपनी मांगों से अवगत कराएंगे. कर्मचारियों ने मंत्री किरोड़ी लाल मीणा को 'उम्मीद बाबा' बताते हुए उम्मीद जताई कि वो उनकी लंबे समय तक लंबित मांगों पर ध्यान देंगे और उन्हें पूरा करने में मदद करेंगे.
15 से 20 हजार कर्मचारी प्रभावित
दौसा से जयपुर की ओर बढ़ रही अल्पवेतन संविदा कर्मचारियों की पदयात्रा बस्सी चक पहुंची जहां उनका स्वागत किया गया. उन्होंने बताया कि यह पदयात्रा विभिन्न मांगों को लेकर निकाली जा रही है. इसमें मुख्य रूप से वर्षों से कार्यरत संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग शामिल है. कर्मचारियों ने बताया कि लगभग 15 से 20 हजार संविदा कर्मचारी पिछले तीन से चार वर्षों से नर्सिंग, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन सहित विभिन्न पदों पर लगातार सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें स्थायी नियुक्ति नहीं मिली है. उनका आरोप है कि राजस्थान सरकार पुराने और अनुभवी कर्मचारियों की अनदेखी कर नए कर्मचारियों की भर्ती कर रही है.
संविदा कर्मचारियों ने किरोड़ी लाल मीणा को 'गरीबों का मसीहा' बताया
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मुख्यमंत्री और गृह मंत्री को भी भेजे थे ज्ञापन
पदयात्रा में शामिल कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने पहले भी अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया लेकिन इसमें कोई प्रगति नहीं हुई. उन्होंने बताया कि वो पहले भी कई बार जयपुर स्थित शहीद स्मारक पर प्रदर्शन कर चुके हैं और मुख्यमंत्री व गृह मंत्री को लिखित में ज्ञापन भी सौंप चुके हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. इसके बाद उन्होंने अब किरोड़ी लाल मीणा तक बात पहुंचाने का फैसला किया.
उन्होंने कहा, "किरोड़ी लाल मीणा राजस्थान में एक ही कद्दावर राजनेता है जो बेरोजगारों और शोषित बच्चों की आवाज़ सुनते हैं."
बस्सी पहुंची यह पदयात्रा डीजे की धुन के साथ आगे जयपुर के लिए रवाना हुई है. कर्मचारियों का कहना है कि वे कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा से मुलाकात कर अपनी समस्याएं विस्तार से रखेंगे और उनसे समाधान निकालने का अनुरोध करेंगे. कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि वे लंबे समय से पूरी निष्ठा के साथ सेवाएं दे रहे हैं और अब सरकार से न्याय की अपेक्षा रखते हैं.
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