रेगिस्तान की धरती पर तैयार हो रहा है 'जहर', ढाणियों में चोरी-छिपे भारी मात्रा में तैयार हो रहा है नशे का सामान

हाल ही में एनसीबी जोधपुर, एएनटीएफ राजस्थान और जालोर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के बाद इस साजिश का खुलासा हुआ था. सांचौर में एक अस्थायी कैमिकल लैब में ड्रग्स तैयार की जा रही थी.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins

पश्चिमी राजस्थान की सूखी धरती, जहाँ कभी मेहनतकश किसान अनाज उगाकर घर-परिवार चलाते थे, आज उसी धरती के नीचे सफेद नशे का ज़हर तैयार किया जा रहा है. खेतों, ढाणियों और सुनसान इलाकों में चल रही MD (मेफेड्रोन) की फैक्ट्रियां अब पूरे समाज के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुकी हैं. बुधवार (4 फरवरी) को एनसीबी जोधपुर, एएनटीएफ राजस्थान और जालोर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने इसी काले सच से पर्दा उठाया. सांचौर के कलबियो का गोलिया (खारा) में चल रही एक गुप्त एमडी लैब पर छापा मारकर एजेंसियों ने 4.910 किलो मेफेड्रोन बरामद किया. इस कार्रवाई ने पूरी साजिश को उजागर किया. जो बाजार में 50 किलो एमडी को बाजार में उतारने वाली थी.

पशुओं के लिए चारा रखने वाले स्थान पर लैब

सूत्रों के अनुसार, यह लैब किसी बड़े भवन या फैक्ट्री में नहीं, बल्कि पशुओं के लिए चारा रखने के लिए बनाई गई अस्थाई जगह पर चल रहा था. यहां एक अस्थायी कैमिकल लैब में ड्रग्स तैयार की जा रही थी. यहां मौजूद रसायनों की तेज़ गंध, थर्मामीटर और पाइप जैसे कई सामान इस बात की गवाही दे रहे थे कि यहां नशे का सामान बेहद ही सुनियोजित तरीके से तैयार किया जा रहा था.

पश्चिमी राजस्थान के युवा चपेट में

जांच में सामने आया है कि यह गिरोह स्थानीय युवाओं को मजदूरी, केमिकल हैंडलिंग और सप्लाई जैसे कामों में जोड़कर धीरे-धीरे अपराध की दुनिया में धकेल रहा था. पश्चिमी राजस्थान के कई गांवों में आज हालात ऐसे हैं कि 18 से 30 वर्ष का युवा वर्ग सबसे ज्यादा चपेट में है. पढ़ाई और रोजगार छूटने के साथ ही चोरी, लूट और हिंसा की वारदात भी बढ़ गई है. कई परिवार आर्थिक तबाही की तरफ बढ़ रहे हैं.

अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की आशंका 

एनसीबी अधिकारियों का मानना है कि यह सिर्फ एक लैब नहीं, बल्कि अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा हो सकती है. एमडी की इतनी बड़ी मात्रा और प्रोफेशनल सेटअप इस बात का संकेत है कि कच्चा माल बाहर से लाया गया, सप्लाई चैन पहले से तय थी और बाजार पहले से मौजूद था. फिलहाल तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और कई बड़े नामों तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है. 

Advertisement

यह भी पढ़ेंः 'मैं मरा नहीं, मुझे मारा गया है', डमी कैंडिडेट रहे लेक्चरर ने दी जान; सुसाइड नोट में बताया SOG को गुनहगार

Topics mentioned in this article