इजरायल अमेरिका ईरान युद्ध में राजस्थान में नागौर जिले के खिंवताना गांव में रहने वाले दिलीप सिंह के लापता होने की जानकारी मुंबई की एस के एस (Krishi) कंपनी द्वारा परिजनों को दी गई है. नागौर जिले का रहने वाला युवक दिलीप सिंह क्रूड ऑयल कंपनी के शिप पर जॉब करता था. जानकारी के अनुसार 1 मार्च की सुबह ओमान के एक पोर्ट पर ईरान की मिसाइल उनके जहाज पर गिरी थी. हादसे में शिप पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया. उस समय दलीप सिंह शिप के अगले हिस्से में पायलट आशीष कुमार के साथ थे. आशीष कुमार बिहार के रहने वाले थे, जिनका शव मिल गया है. वहीं, दिलीप के बॉडी अभी नहीं मिली है. जिसके चलते कंपनी द्वारा दिलीप सिंह के लापता होने की सूचना उनके परिजनों को दी गई है.
खासब पोर्ट पर खड़ा था शिप
हमले के समय जहाज खासब पोर्ट पर खड़ा था. कंपनी के अनुसार हमले के दौरान अधिकांश क्रू मेंबर्स को सुरक्षित निकाल लिया गया था, लेकिन कैप्टन आशीष समेत 2 अन्य लोग मिसिंग हो गए थे. हमले के तीन दिन बाद बुधवार सुबह कंपनी ने दो लोगों की मौत की पुष्टि की. इनमें नागौर के खींवताना के रहने वाले दलीप के भी शामिल होने की संभावना जताई जा रही है. ये शिप स्काईलाइट कंपनी का था. शिप कंपनी और सुरक्षा एजेंसीज तीन दिन से उनकी बॉडी ढूंढ रही हैं.
22 जनवरी 2026 को ही मर्चेंट नेवी में ड्यूटी जॉइन की थी
दलीप के भाई देवेंद्र सिंह ने बताया दलीप सिंह पुत्र कानसिंह ने 22 जनवरी 2026 को ही मर्चेंट नेवी में ड्यूटी जॉइन की थी. वो ऑयल/केमिकल टैंकर में क्रू मेंबर थे. अभी किसी प्रकार से उनके मिलने की जानकारी कंपनी द्वारा या मंत्रालय द्वारा नहीं मिली है जिसकी मौत की पुष्टि बॉडी मिलने के बाद ही हो पाएगी .
कंपनी की तरफ से अभी तक सिर्फ लापता होने की जानकारी
वहीं दिलीप सिंह के परिजन दयाल सिंह ने भी जानकारी देते हुए बताया कि कंपनी की तरफ से अभी तक सिर्फ लापता होने की जानकारी ही हमें मिली है. सुरक्षा एजेंसियां एवं कंपनी की तरफ से लगातार दिलीप सिंह को ढूंढने के प्रयास किया जा रहे हैं परंतु अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है. लगातार तलाश जारी है अब दिलीप सिंह के मिलने या डेड बॉडी मिलने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि आखिर दिलीप सिंह के साथ हुआ क्या है कहीं अस्पताल में उपचाराधिन है या उनकी मौत हो चुकी है. अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है.