Eid 2026 date: दुनिया भर के मुसलमान इस समय इबादत और बरकतों के पाक महीने 'रमजान' ( Ramazan 2026 ) में अल्लाह की ईबारत में दिन रात लगे हुए हैं. 19 फरवरी से शुरू हुए रमजान में आज ( 26 फरवरी ) सातवां रोजा है. इसी तरह अभी 23 दिन बाकी है पाक महीने को पूरा होने के लिए जिसके बाद हर किसी को ईदुल-फितर (Eid-ul-Fitr) का बेसब्री से इंतजार रहता है, रमजान के बाद आने वाली ईंद को 'मीठी ईद' कहा जाता है जिसमें सेवाईयों के साथ अपनों का मुंह मीठा कराकर ईंद की बधाई दी जाती है.
कब मनाई जाएगी ईद?
इस साल यानी 2026 में रमजान का महीना19 फरवरी से शुरू हो चुका है. ऐसे में ईद की तारीख को लेकर दो संभावनाएं बन रही हैं. यदि रमजान का महीना 29 दिनों का होता है और 19 मार्च की शाम को शव्वाल का चांद दिख जाता है, तो भारत और दुनिया के कई हिस्सों में ईद 20 मार्च को मनाई जाएगी. वही अगर यदि चांद 19 मार्च को नजर नहीं आता है, तो रमजान के 30 रोजे पूरे होंगे और ईदुल-फितर का जश्न 21 मार्च को मनाया जाएगा.
क्यों मनाई जाती है ईदुल-फितर
ईदुल-फितर सिर्फ पकवानों और नए कपड़ों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह रूहानी और सामाजिक संदेश का मेल है. इस ईद में माना जाता है कि रमजान के पूरे महीने रोजे रखने और इबादत करने के बाद अल्लाह अपने बंदों को 'ईद' के रूप में इनाम देता है. इस दिन लोग मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा करते हैं और गले मिलकर आपसी गिले-शिकवे दूर करते हैं. ईद की नमाज से पहले हर मुसलमान के लिए 'फितरा' (एक निश्चित दान) देना जरूरी होता है. जिसे जकात कहते है. इस्लामी मान्यताओं के अनुसार, पहली बार ईद उल-फितर जंग-ए-बद्र की जीत के बाद 624 ईसवी में मनाई गई थी.
सेवईयां से बढ़ती है ईदुल-फितर की मिठास
इस त्योहार को 'मीठी ईद' इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस दिन घरों में सेवइयां और शीर खुरमा जैसे मीठे पकवान खास तौर पर बनाए जाते हैं. बड़े बुजुर्ग बच्चों को 'ईदी' (उपहार या पैसे) देते हैं, जिससे बच्चों में इस त्योहार को लेकर एक अलग ही उत्साह रहता है.
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