मोबाइल चलाने के लिए न मिलने से नाराज होकर 13 वर्षीय एक लड़का घर से भाग गया. जानकारी के मुताबिक यूपी के इटावा जिले का रहने वाला लड़का शनिवार को दिल्ली से जयपुर जा रही डबल डेकर एक्सप्रेस में सवार हो गया. रास्ते में जब ट्रेन के अंदर टीटीई ने लड़के से पूछताछ की तो उसके घर से भागने की बात पता चली. फिलहाल लड़के को अलवर में रेलवे पुलिस बल को सौंप दिया गया है.
दिल्ली-जयपुर डबल डेकर में बैठा लड़का
रविवार को उत्तर पश्चिम रेलवे जयपुर मंडल ने जानकारी दी कि ट्रेन के दिल्ली से रवाना होने के कुछ देर बाद टिकट जांच के दौरान दोनों टीटीई को एक कोच में 13 वर्षीय बालक बिना टिकट यात्रा करता मिला. उत्तर-पश्चिम रेलवे जयपुर की वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक पूजा मित्तल के मुताबिक, 09 मई को गाड़ी संख्या 12986 डबल डेकर एक्सप्रेस में टीटीई अंकित महर और नरेंद्र वर्मा की ड्यूटी कोच सी-3 से सी-10 तक थी.
इसी दौरान ट्रेन में चेकिंग के दौरान एक लड़का बिना टिकट के मिला. पूछताछ में बालक ने खुद को इटावा के जसवंतपुर का निवासी बताया और कहा कि वह बिना परिजनों को बताए घर से निकल आया है. जब लड़के से घर से भागने का कारण पूछा गया तो उसने जो जवाब दिया, जिसे सुनकर सभी सन्न रह गए. लड़के ने बताया कि परिजनों ने उसे मोबाइल फोन चलाने की अनुमति नहीं दी थी, जिससे नाराज होकर वह घर छोड़कर भाग गया और ट्रेन में बैठ गया.
ट्रेन से सुरक्षित उतारकर अलवर में रेलवे पुलिस को सौंपा
मामले की गंभीरता को देखते हुए टीटीई अंकित महर ने तुरंत जयपुर मंडल के वाणिज्य प्रबंधक जगदीश कुमार को इसकी सूचना दी. इसके बाद बालक के पिता से संपर्क किया गया और इटावा पुलिस को भी मामले की जानकारी दी गई. रेलवे कर्मचारियों ने बालक को समझाकर सुरक्षित संरक्षण में लिया और आगे की कार्रवाई के लिए उसे रेलवे सुरक्षा बल, अलवर को सौंप दिया.
उन्होंने बताया कि इसी दौरान उसी ट्रेन में कुछ यात्रियों ने टीटीई स्टाफ से शिकायत की कि एक युवक टिकट जांच के नाम पर उनसे पैसे वसूल रहा है, लेकिन किसी प्रकार की रसीद नहीं दे रहा. शिकायत मिलते ही टीटीई स्टाफ सतर्क हो गया और तुरंत नियंत्रण कक्ष को सूचना दी गई. कुछ देर बाद युवक को पकड़ लिया गया. जांच में सामने आया कि वह फर्जी टीटीई बनकर यात्रियों से अवैध वसूली कर रहा था.
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