Fact Check: क्या अलवर के दिल्ली दरवाजा इलाके में घुस आया बाघ? जानें इस वायरल वीडियो का सच

Rajasthan News: अलवर के स्थानीय वाट्सएप ग्रुप्स और फेसबुक पर एक बाघ की तस्वीर वायरल हो रही है. दावा किया जा रहा है कि बाघ अलवर के रिहायशी इलाके की गलियों में घूम रहा है, जिससे पूरे शहर में हड़कंप मच गया. अब इस वायरल तस्वीर की सच्चाई सामने आई है.

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tiger roaming in alwar Fact Check
NDTV

Alwar Fact Check: सोशल मीडिया पर एक फोटो और वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि अलवर शहर के दिल्ली दरवाजा स्थित हलवाई पाड़ा मोहल्ला की एक गली में बाघ देखा गया है.

 क्या है पूरा मामला?

पिछले कुछ घंटों से अलवर के स्थानीय वाट्सएप ग्रुप्स और फेसबुक पर एक बाघ की तस्वीर वायरल हो रही है. दावा किया जा रहा है कि बाघ अलवर के रिहायशी इलाके की गलियों में घूम रहा है, जिससे पूरे शहर में हड़कंप मच गया और लोग दहशत में आ गए. कई लोगों ने इसे सच मानते हुए तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दे दी.

 जांच और पुष्टि 

वही सूचना मिलने के बाद प्रशासन और वन विभाग की टीम ने तुरंत हरकत में आई. साथ ही दिल्ली दरवाजे और हलवाई पाड़ा की आसपास की गलियों का गहन निरीक्षण किया. इलाके के सभी मुख्य जंगलों की जांच की गई, जिसमें बाघ जैसी किसी भी गतिविधि का नामोनिशान नहीं मिला. इसके बाद स्थानीय लोगों से बाघ के आने की खबर की जानकारी ली जिसमें किसी भी तरह की कोई पशु गतिविधि नहीं मिली.

AI की मदद से बनाया बाघ का फोटो और वीडियो

इसके बाद बाघ की तस्वीर को लेकर वन विभाग की टीम को कुछ शक हुआ. जिसके बाद इसे साइबर एक्सपर्ट की मदद से फोटो और वीडियो की सच्चाई जानने की कोशिश की जिसमें सामने आया कि वायरल किया गया फोटो और वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से बनाया गया था, जिसका हकीकत से कोई संबंध नहीं है. बाघ के शरीर पर कलर बारीक से देखने पर अलग लग रहे थे. जांच के बाद जब यह साफ हुआ कि खबर झूठी है, तब जाकर स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली. वही प्रशासन ने इस तरह की फेक खबर फैलाने पर चेतावनी दी है कि भविष्य में इस तरह की हरकत पर न्यूज फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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सोशल मीडिया पर वायरल फेक है

वन विभाग के रेंजर शंकर सिंह शेखावत ने मामले को लेकर बातचीत में कहा कि यह पूरी तरह फेक न्यूज़ है. अलवर शहर या उसके आसपास के किसी भी क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी का कोई मामला सामने नहीं आया है. विभाग की नियमित गश्त और निगरानी जारी है, लेकिन इस तरह की अफवाहों से जनता को घबराने की जरूरत नहीं है. उन्होंने लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही किसी भी सनसनीखेज सूचना पर भरोसा करने से पहले उसकी पुष्टि करें। बिना जांच-पड़ताल के फेक फोटो और वीडियो साझा न करें. 

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