चूरू में 2 जून से धरना पर बैठे किसान हुए उग्र, कलेक्टर आवास के सामने किया सड़क जाम

धरने पर बैठे किसान शाम करीब साढ़े छह बजे जिला कलेक्टर आवास के सामने सड़क पर बैठ गए. अखिल भारतीय किसान प्रतिनिधि व जिला प्रशासन के बीच दोपहर तीन बजे वार्ता हुई.

विज्ञापन
Read Time: 16 mins
चूरू:

2 जून से चूरू कलेक्टर के आगे चल रहा किसानों का धरना उग्र होता जा रहा है. क्रॉप कटिंग के आधार पर बीमा क्लेम सहित विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को  किसानों ने एकजुटता महारैली का आयोजन किया.  किसान एकजुटता महारैली में किसान अभी भी कलेक्ट्री परिसर के आगे जुटे हुए हैं.  आज सुबह से ही महारैली में जिलेभर से बड़ी संख्या में किसान चूरू कलेक्ट्रेट के सामने एकत्रित हुए. किसानों के कलेक्ट्रेट के घेराव का कार्यक्रम को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी.

जिले के आला अधिकारियों सहित आरएसी को तैनात किया गया था. इसके अलावा बीकानेर से अतिरिक्त पुलिस फोर्स बुलाई गई थी. कलेक्ट्रेट के सामने से यहां व्यवस्था बनाए रखने के लिए जयपुर रोड के रास्ते को प्रशासन ने डायर्वट कर दिया था. किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक धवले, किसान नेता कॉमरेड अमराराम और राज्यस्तरीय नेताओं ने रैली को संबोधित किया. भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के पहुंचने का कार्यक्रम भी है. किसान सभा के राज्य सदस्य एडवोकेट निर्मल प्रजापति ने बताया कि किसान एकजुटता रैली में जिले भर के किसान शामिल हुए हैं.

Advertisement

जब किसान महापड़ाव शुरू हुआ था, तब अफसरों ने दस दिन का समय मांगा था और विश्वास दिलाया था कि सभी व्यवस्थाएं ठीक कर देगें. मगर आज 68 दिन बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है. उन्होंने बताया कि किसानों का मुख्य मुद्दा खरीफ 2021 की फसल बीमा क्लेम क्रॉप कटिंग की रिपोर्ट को खारिज करके सेटेलाइट के आधार पर दिया जो अव्यवहारिक है. जिले के 72 हजार किसानों का बैंकों की लापरवाही से प्रीमियम पोर्टल पर अपलोड नहीं हुआ. उस पर कोई अंतिम निर्णय अभी तक नहीं हुआ है. इसके अलावा 12 हजार किसानों का फसल बीमा पॉलिसी बीमा कंपनियों ने बिना वजह रिजेक्ट कर दिया. उन पॉलिसी को स्वीकार करवाना यह तीन मुख्य मुद्दे हैं. जिन पर यदि तीन बजे तक सहमति नहीं बनती है तो कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा.

Advertisement

दिनभर प्रदर्शन, शाम को लगाया जाम

धरने पर बैठे किसान शाम करीब साढ़े छह बजे जिला कलेक्टर आवास के सामने सड़क पर बैठ गए. आने-जाने वाले वाहनों को रोककर प्रदर्शन किया. पुलिस अधिकारियों ने किसानों से समझाइश की लेकिन किसानों ने सड़क पर बैठ कर प्रदर्शन किया. आक्रोशित किसानों ने कलेक्टर सर्किल की मुख्य सड़क पर अपना कब्जा कर लिया है. पुलिस भी बेबस नजर आ रही है.

Advertisement

पहले दौर की वार्ता हुई विफल

अखिल भारतीय किसान प्रतिनिधि व जिला प्रशासन के बीच दोपहर तीन बजे वार्ता हुई. इसमें किसानों की ओर से अखिल भारतीय किसान सभा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य निर्मल प्रजापत, महामंत्री उमराव सिंह, प्रदेश महामंत्री छगनलाल चौधरी, डूंगरगढ़ विधायक गिरधारीलाल माहिया सहित अनेक किसान प्रतिनिधि मौजूद थे. वहीं प्रशासन की ओर से जिला कलेक्टर सिद्धार्थ सिहाग, तारानगर एसडीएम और सादलपुर एसडीएम भी मौजूद थे. मगर किसानों की पहली वार्ता विफल रही. किसानों की महारैली शाम 7:30 बजे तक जारी है. 
 

Topics mentioned in this article