जम्मू में फारूक अब्दुल्ला पर हमला, अशोक गहलोत ने सुरक्षा पर उठाए गंभीर सवाल; पूछा- 'कड़े पहरे में चूक कैसे?'

जम्मू में फारूक अब्दुल्ला पर हुए हमले से देश भर में हड़कंप मच गया है. राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने सुरक्षा में हुई इस बड़ी चूक पर गंभीर सवाल उठाए हैं. जानिए कैसे Z+ सुरक्षा के बावजूद एक हमलावर पिस्तौल लेकर पूर्व मुख्यमंत्री के बिल्कुल करीब पहुंच गया.

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Z+ सुरक्षा के बावजूद फारूक अब्दुल्ला के करीब कैसे पहुंचा हमलावर? अशोक गहलोत ने जांच की उठाई मांग (फाइल फोटो)
IANS

Rajasthan News: जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के दिग्गज नेता फारूक अब्दुल्ला पर हुए जानलेवा हमले (Farooq Abdullah Attacked) ने पूरे देश को चौंका दिया है. इस घटना पर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र और केंद्र शासित प्रदेश के सुरक्षा तंत्र को कटघरे में खड़ा किया है. गहलोत ने गुरुवार को ट्वीट कर इस मामले की उच्च स्तरीय जांच और सुरक्षा को और अधिक पुख्ता करने की मांग की है.

शादी समारोह में चली थी गोली

यह सनसनीखेज वारदात जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में एक शादी समारोह के दौरान हुई. फारूक अब्दुल्ला, उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी और मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे, तभी 70 वर्षीय कमल सिंह जामवाल पिस्तौल लेकर अब्दुल्ला के बिल्कुल करीब पहुंच गया. आरोपी ने एक राउंड फायर भी किया, लेकिन सुरक्षाकर्मियों की मुस्तैदी से एक बड़ा हादसा टल गया.

अशोक गहलोत का तीखा हमला

अशोक गहलोत ने अपने आधिकारिक 'X' हैंडल पर लिखा, 'जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर जानलेवा हमले का समाचार सुनकर चिंतित हूं. पुलिस की मौजदूगी एवं कड़ी सुरक्षा के बीच हमला होना बेहद गंभीर बात है. इस मामले की पूरी जांच की जानी चाहिए.' गहलोत का यह बयान सुरक्षा एजेंसियों पर दबाव बढ़ा रहा है, क्योंकि फारूक अब्दुल्ला Z+ श्रेणी और NSG सुरक्षा प्राप्त नेता हैं.

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'इतने करीब कैसे पहुंचा हमलावर?'

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इस घटना पर नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब उनके पिता इतने कड़े सुरक्षा घेरे में रहते हैं, तो एक सशस्त्र व्यक्ति उनके 'इनर सर्कल' तक कैसे पहुंच गया? हालांकि, पुलिस का कहना है कि आरोपी नशे की हालत में था और इसमें फिलहाल कोई आतंकी पहलू नजर नहीं आ रहा है, लेकिन उपमुख्यमंत्री ने इसे सुरक्षा में हिमालयी चूक करार दिया है.

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