Nirmala Sitharaman: जैसलमेर में किसके कहने पर पहली बार हुई 55 वीं GST काउंसिल की बैठक, वित्तमंत्री सीतारमण ने खोला ये राज

Rajasthan: Rajasthan: पहली बार स्वर्ण नगरी जैसलमेर को जीएसटी परिषद की 55वीं बैठक की मेजबानी का अवसर दिया गया. वित्त मंत्री ने इस बैठक के आयोजन के पीछे का कारण बताया है.

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Nirmala Sitharaman

GST Council Meeting in Jaisalmer: वित्त विभाग के जरिए जीएसटी काउंसिल की 55वीं बैठक की मेजबानी का मौका इस बार राजस्थान के शहर जैसलमेर को मिला. स्वर्णनगरी के लिए यह एक सुनहरा मौका था, क्योंकि पहली बार शहर को इतने बड़े पैमाने पर राजनीतिक हस्तियों की मेजबानी का मौका मिला. इसके लिए जैसलमेर के पांच सितारा होटल मैरियट में दो दिन तक बैठक आयोजित की गई. दो दिनों तक चली इस बैठक के बाद आखिरी दिन निर्मला सीतारमण मीडिया से रूबरू हुईं. जिसमें उन्होंने स्वर्णनगरी में जीएसटी काउंसिल की बैठक आयोजित करने का राज खोला.

जैसलमेर में बैठक का अनुभव रहा बेहतरीन- वित्त मंत्री

दरअसल, मीडिया से बात करते हुए एक पत्रकार ने उनसे पूछा कि उन्हें जैसलमेर कैसा लगा? इस पर उन्होंने कहा कि पहले केरल और फिर तमिलनाडु ने उन्हें जीएसटी बैठक आयोजित करने के लिए आमंत्रित किया था. लेकिन पूर्व वित्त सचिव और वर्तमान में आरबीआई ( RBI) गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने उन्हें यहां बैठक आयोजित करने के लिए प्रोत्साहित किया. इसलिए उनके आग्रह पर हमने जैसलमेर में बैठक आयोजित करने की बात मानी जो एक बेहतरीन एक्सपीरियंस रहा. 

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 RBI गवर्नर के कहने पर जैसलमेर में हुई थी मीटिंग

वित्त मंत्री ने आगे कहा कि संजय मल्होत्रा, जो पहले  वित्त सचिव थे और वर्तमान में आरबीआई ( RBI) गवर्नर हैं. वह राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी हैं. उन्होंने यहां बैठक के लिए कहा था, जो बेहतरीन रही. जीएसटी बैठक में शामिल होने आए सभी राजनीतिक हस्तियों को शानदार आतिथ्य का अनुभव मिला. वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि पिछले दो दिनों में जैसलमेर में बेहतर आतिथ्य का उदाहरण देखने को मिला. हम सभी ने यहां खूब आनंद लिया. साथ ही यहां की समृद्ध संस्कृति और पर्यटन से जुड़ने का मौका मिला.जो लाजवाब था. इसलिए इसे और बढ़ावा देना है.

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दो दिन चली थी जीएसटी की बैठक

जीएसटी की 55 वीं बैठक  20 औऱ 21 दिसंबर दो दिन चली थी. जिसमें कई राज्यों के मुख्यमंत्री, दिल्ली की सीएम आतिशी, हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी, जम्मू कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला, गोवा के सीएम प्रमोद सावंत, मेघालय के सीएम कोनराड संगमा, ओड़िसा के सीएम मोहन चरण माझी, हिमाचल के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू, झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन और राजस्थान की डिप्टी सीएम दीया कुमारी शामिल हुई थी. 

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