अजमेर के केशरगंज क्षेत्र के चटाई मोहल्ला में सस्ते दाम पर देसी घी बेचने की सूचना मिलने पर खाद्य सुरक्षा दल ने ए.ए. ट्रेडिंग कंपनी पर कार्रवाई की. मौके पर वेंडर नुशरत इमाम मिला. उसने बताया कि वह पंजाब और हरियाणा की कंपनियों से घी खरीदता है. वेंडर के अनुसार, 350 से 360 रुपए प्रति किलो घी खरीदता है, उसे 380 रुपये प्रति किलो की दर से बेचता था. कीमत और गुणवत्ता पर संदेह होने पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी.
521 किलो घी किया सीज
खाद्य सुरक्षा टीम ने भोग विनायक ब्रांड, एवरी चॉइस वन ब्रांड और हरियाणा क्रीम ब्रांड के घी से नमूने लेकर जांच के लिए लैब भेज दिया. जांच रिपोर्ट आने तक ए.ए. ट्रेडिंग कंपनी में मौजूद कुल 521 लीटर घी को सीज कर दिया गया है. अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया कि आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और मिलावट या मानक से कम गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे.
कारोबारी पर जुर्माना और सजा का नियम
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत यदि घी नकली या मिलावटी पाया जाता है, तो संबंधित कारोबारी पर भारी जुर्माना और सजा का प्रावधान है. नियम के अनुसार, मिलावट या असुरक्षित खाद्य पदार्थ पाए जाने पर लाखों रुपये तक का जुर्माना, लाइसेंस रद्द करने के साथ-साथ कारावास की सजा भी हो सकती है.
नकली घी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक
विशेषज्ञों के अनुसार, नकली घी में केमिकल, वनस्पति और हानिकारक फैट का उपयोग किया जाता है. खाद्य विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि संदिग्ध या अत्यधिक सस्ते दाम पर बिक रहे खाद्य पदार्थों की सूचना तुरंत विभाग को दें, जिससे समय रहते कार्रवाई कर जनस्वास्थ्य की रक्षा की जा सके.
खाद्य सुरक्षा अधिकारी केशरी नंदन ने बताया कि डिब्बे पर देसी घी लिखा हुआ था. सैंपल लेकर लैब भेज दिया गया है. जांच की जा रही है. सैंपल रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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