'किसी के ज़ख्म पर मरहम लगा तो सही' वसुंधरा बोलीं- एक घंटी में फोन उठाएं अधिकारी, वर्ना भुगतें परिणाम 

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि हमारे कार्यकर्ता की आवाज ही प्रधानमंत्री की आवाज है और वही मुख्यमंत्री की भी आवाज है. कार्यकर्ता की आवाज बुलंद रहनी चाहिए और उसकी उपेक्षा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

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पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे

Vasundhara Raje, former Chief Minister of Rajasthan: राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा है कि भाजपा कार्यकर्ताओं के बिना प्राणहीन है, इसलिए संगठन को मजबूत करने के लिए कार्यकर्ता को सशक्त करना बेहद जरूरी है. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गांव में बूथ अध्यक्ष, मंडल में मंडल अध्यक्ष और जिले में जिलाध्यक्ष पार्टी के एंबेसेडर हैं और उनके हस्ताक्षर से जनता के काम होने चाहिए. राजे ने कहा कि कार्यकर्ता की एक घंटी में अधिकारी फोन उठाएं और काम करें, अन्यथा परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें. उन्होंने यह बात कॉन्स्टीट्यूशनल क्लब में आयोजित भाजपा की प्रदेश संगठनात्मक कार्यशाला को संबोधित करते हुए कही.

कार्यशाला के दौरान वसुंधरा राजे ने शेर के माध्यम से कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाते हुए कहा-

“किसी रोते हुए चेहरे से आँसू पूछ तो सही,

किसी बेसहारा की लाठी बन तो सही.

कहीं मत कर तलाश, इसी ज़मीं पर है ईश्वर,

किसी के ज़ख्म पर मरहम लगा तो सही.”

''कार्यकर्ता की आवाज ही प्रधानमंत्री की आवाज है''

राजे ने आगे कहा कि हमारे कार्यकर्ता की आवाज ही प्रधानमंत्री की आवाज है और वही मुख्यमंत्री की भी आवाज है. कार्यकर्ता की आवाज बुलंद रहनी चाहिए और उसकी उपेक्षा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

''समय था जब देश की दसों दिशाओं में कांग्रेस का वर्चस्व था''

राजे ने कहा कि एक समय था जब देश की दसों दिशाओं में कांग्रेस का वर्चस्व था, लेकिन आज चारों ओर भाजपा दिखाई देती है. यह कार्यकर्ताओं की तपस्या और समर्पण का ही परिणाम है, जिन्होंने भूख-प्यास की परवाह किए बिना केवल कमल खिलाने का काम किया. 

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