Nangal Crusher Zone: राजस्थान में अचानक धंस गई पत्थर की खदान, 4 मजदूर दबे, पुलिस ने 3 घंटे तक चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन, 1 की मौत

जानकारी के मुताबिक, हन्ना मेव नाम के व्यक्ति के द्वारा अवैध खनन का कार्य करवाया जा रहा था. मृतक के परिजनों के द्वारा पहाड़ी पुलिस थाने में हन्ना मेव के खिलाफ मामला दर्ज करा दिया गया है.

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Rajasthan News: राजस्थान में भरतपुर जिले के पहाड़ी थाना इलाके में स्थित नांगल क्रेशर जॉन में अवैध खनन के दौरान एक पत्थर की खान ढह गई. इस कारण मलबे में डंपर पोकलेन मशीन के साथ 4 मजदूर भी दब गए. कड़ी मशक्कत के बाद 3 मजदूरों को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन एक मजदूर की मौत हो गई. मृतक मजदूर का पोस्टमार्टम करा कर शव परिजनों को सौंप दिया.

3 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन

दरअसल, पहाड़ी थाना इलाके के नांगल क्रेशर जॉन में लंबे समय से अवैध खनन का कार्य चल रहा है. लेकिन खनन माफियाओं के खिलाफ जिला प्रशासन, स्थानीय प्रशासन के साथ खनन व खनिज विभाग के अधिकारी द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई. देर रात करीब दो बजे जब ये हादसा हुआ तो 4 मजदूरों के अलावा पांच डंपर और दो पोकलेन मशीन भी दब गईं. सूचना मिलते ही पहाड़ी पुलिस मौके पर पहुंची और आनन फानन में करीब एक घंटे ऑपरेशन कराकर तीन मजदूरों को सुरक्षित निकाला गया, जबकि एक मजदूर फिरोजपुर निवासी मुबारक खान की मौके पर ही मौत हो गई. घायल मजदूर रतन, साकिर और मुस्ताक को पहाड़ी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां से उन्हें प्राथमिक उपचार देकर छुट्टी दे दी गई. मृतक मजदूर का पुलिस के द्वारा मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करा कर शव परिजनों को सौंप दिया. 

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पहाड़ियों पर धार्मिक निशान मौजूद

जानकारी के मुताबिक, हन्ना मेव नाम के व्यक्ति के द्वारा अवैध खनन का कार्य करवाया जा रहा था. मृतक के परिजनों के द्वारा पहाड़ी पुलिस थाने में हन्ना मेव के खिलाफ मामला दर्ज करा दिया गया है. मामला दर्ज होते ही पुलिस जांच में जुट गई है. बता दें कि जहां नांगल क्रेशर जॉन में अवैध खान का कार्य किया जाता है, वहां पहाड़ियों पर आज भी धार्मिक निशान मौजूद हैं. क्षेत्र के ग्रामीण बताते हैं कि कई बार वन विभाग के अधिकारियों को अवैध खनन रोकने के लिए कार्रवाई करने के लिए कहा गया, लेकिन उन्होंने कभी अवैध खनन को लेकर ध्यान ही नहीं दिया. ऐसे में खनन माफियाओं के साथ वन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत सामने आ रही है. जिले के कामा, रूपवास और भुसावर में अवैध खनन धड़ल्ले से चल रहा है.