अवैध वसूली करते 3 पुल‍िसकर्मी सह‍ित 4 ग‍िरफ्तार, कैफे संचालक ने पुल‍िस वालों से म‍िलकर बनाया था प्‍लान

पुल‍िस वालों ने युवक को डरा धमकाकर उससे रुपए मंगवाए थे. युवक ने बताया क‍ि उसके दोस्‍त ने पुल‍िस वालों से म‍िलकर साज‍िश रची.

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फाइल फोटो.

जयपुर में अवैध वसूली करते हुए 3 पुल‍िसकर्मी सह‍ित 4 लोग ग‍िरफ्तार हो गए. कैफे माल‍िक ने दोस्‍त से पैसे लेने के ल‍िए पुल‍िसकर्म‍ियों के साथ म‍िलकर प्‍लान बनाया था. प्लानिंग के तहत पुलिसवालों ने दोस्त को डरा-धमकाकर उससे रुपए मंगवाए थे. पुल‍िस उपायुक्‍त (दक्ष‍िण) जयपुर राजर्ष‍ि राज ने बताया क‍ि 31 द‍िसंबर को युवक ने मानसरोवर थाने में मामला दर्ज कराया था.

ये लोग हुए गिरफ्तार 

डीसीपी (साउथ) राजर्षि राज ने बताया क‍ि अवैध वसूली मामले में आरोपी पवन कुमार गुर्जर (36) निवासी नदबई भरतपुर हाल रजत पथ मानसरोवर, बाबूलाल मीणा (40) निवासी श्यामपुरा चंदवाजी, कैलाश चन्द (37) निवासी श्रीमाधोपुर सीकर और अनिल कुमार रागेरा (38) निवासी बानूसर अलवर को अरेस्ट किया गया है.

थार में दोस्त के साथ घूम रहा था युवक 

युवक ने शिकायत में बताया क‍ि वह अपने दोस्‍त योगेश पटेल के साथ भारत माता सर्क‍िल वाले रोड थार से घूम रहा था. पुल‍िसकर्मी ने उसकी गाड़ी रुकवाया. कहा क‍ि उल्टे सीधे काम करते हो, और नौकरी से बर्खास्‍त करवाने की धमकी देने लगे. पुल‍िसकर्मी ने रुपए मांगे.

दोस्त को पैसे के बारे में पता था 

उसके दोस्‍त योगेश को पैसे के बारे में पता था. युवक के पास प्‍लाट खरीदने के ल‍िए पीजी में रुपये रखे हुए थे. वह पुल‍िस वालों से म‍िला हुआ था. उसने दोस्‍त योगेश को हॉस्‍टल भेजकर छोटे भाई सुनील से पैसे मंगवाए. पैसे लेकर स्‍वर्ण गार्डन के सामने गए. वहां पुल‍िस वाले सफेद गाड़ी में बैठे हुए थे.

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युवक को ऑटो से छोड़ा 

उसके वहां आने के बाद 2 पुलिस वाले दोस्त की गाड़ी में बैठ गए, और उसे कहीं दूर ले गए. फिर करीब 20 मिनट बाद दोनों पुलिस वाले आकर मुझे बोला कि तेरे दोस्त ने हमें कुछ भी नहीं दिया. पुलिस वाले युवक को स्वर्ण पथ साईड घुमाकर वापस मेट्रो स्टेशन के पास ला के खडे़ हो गए. बोले कि हमारी तेरे दोस्त योगेश से बात हो गई, हमे पैसे मिल गए. मुझे ऑटो में बैठा कर छोड दिया. पुल‍िस ने श‍िकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी.

दोस्त के साथ पैसों का विवाद था  

जांच में पता चला क‍ि युवक का उसके दोस्‍त योगेश गुर्जर से पैसों का लेन देन का व‍िवाद था. योगेश गुर्जर को पता था क‍ि गोपाल सिंह गुर्जर के पास पैसे आए हुए हैं. और पीजी हॉस्‍टल में रखे हैं. इसके बाद योगेश ने अपने चचेरे भाई पवन कुमार गुर्जर के जानने वाले पुल‍िसकर्मी के साथ योजना बनाई. पवन कैफे चलाता है.

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योजना के अनुसार, गोपाल को उसका दोस्त योगेश गुर्जर ही अपनी थार में बैठाकर लाया. नाटकीय घटनाक्रम देते हुए गोपाल को मौके पर छोड़कर पीजी से पैसे लेकर चला गया.

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