कांग्रेस के SIR और मनरेगा मुद्दे पर बोले गजेंद्र सिंह शेखावत, यह कोई इशू ही नहीं है... जनता ने ही नकारा

शेखावत ने कहा, मनरेगा की जो व्यवस्था है जिसमें पिछले 25 वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों का परिवेश बदला है. ऐसे में निश्चित रूप से उसमें बदलाव की आवश्यकता थी. क्योंकि इसमें 11 लाख शिकायतें मिली थी.

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गजेंद्र सिंह शेखावत

Rajasthan Politics: राजस्थान में कांग्रेस लगातार SIR और मनरेगा के मुद्दे पर सरकार को घेर रही है. राजस्थान के टॉप कांग्रेस नेता इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठाने वाले हैं. वहीं, केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत बुधवार (21 जनवरी) को जोधपुर एयरपोर्ट पहुंचे. यहां पर उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस पार्टी की ओर से एसआईआर और मनरेगा का नाम बदलने को लेकर के जा रहे विरोध को लेकर जवाब दिया. 

शेखावत ने कहा कि कांग्रेस के पास मुद्दे ही नहीं बचे हैं. लगातार एक के बाद एक चुनाव में जनता ने उनको उनकी हकीकत से रूबरू करवा दिया. हाल ही में हुए महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनाव में भी यही हाल दिखा. वहां कांग्रेस माइक्रोस्कोप से ढूंढने पर नजर आती है. 

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इश्यू बनाकर खुद को प्रासंगिक बनाए रखने की कोशिश

शेखावत ने कहा, इसलिए कांग्रेस नॉन इश्यूज़ को इश्यू बनाकर खुद को प्रासंगिक बनाए रखने की कोशिश कर रही है. झूठ के आसरे भ्रम खड़ा कर लोगों के बीच इस आंदोलन को जन आंदोलन बनाने के प्रयास कांग्रेस की ओर से किया जा रहे हैं. लेकिन हम सब ने देखा है कि हर ऐसे प्रयास में कांग्रेस असफल हुई है. जनता ने उनको नकार दिया है. जिसका दंड जनता ने उनको दिया है.

मनरेगा को लेकर 11 लाख शिकायतें 

उन्होंने कहा कि मनरेगा की जो व्यवस्था है जिसमें पिछले 25 वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों का परिवेश बदला है. ऐसे में निश्चित रूप से उसमें बदलाव की आवश्यकता थी. क्योंकि इसमें भ्रष्टाचार की शिकायतें हर प्रांत से आती थी. 11लाख शिकायतें इसको लेकर भारत सरकार के पास पहुंची थी इसलिए इसमें बदलाव जरूरी था. कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं है इसलिए वो कभी SIR, कभी VB G रामजी कभी CAA को मुद्दा बनाती है. झूठ के सहारे खुद को जिंदा रखने की कोशिश कांग्रेस कर रही है.

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