SIR Rajasthan 2026: गहलोत ने DM को धमकाया तो मंत्री ने खोल दी 'फोन टैपिंग' वाली पुरानी फाइल, राजस्थान में मचा बवाल!

Ashok Gehlot vs Sumit Godara: राजस्थान में 'वोटर लिस्ट' पर छिड़ी जंग ने अब एक खतरनाक मोड़ ले लिया है. अशोक गहलोत ने जब भाजपा पर प्रशासन के दुरुपयोग का आरोप लगाया, तो कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा ने पलटवार में गहलोत के ही पुराने 'राज' खोल दिए हैं.

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'10 बार कांग्रेस राज में जो हुआ, क्या वो सही था?' गहलोत के वोट काटने वाले बयान पर मंत्री का जवाब (फाइल फोटो)
IANS

Rajasthan News: राजस्थान में मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर सियासी पारा हाई है. गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर दो पोस्ट करते हुए भाजपा सरकार पर 'लोकतंत्र की हत्या करने' के आरोप लगाए थे, जिस पर अब कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा (Sumit Godara) और पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ (Rajendra Singh Rathorr) ने पलटवार किया है. गोदारा ने गहलोत को उनके ओएसडी (OSD) के पुराने आरोपों की याद दिलाते हुए संवैधानिक संस्थाओं के अपमान का मुद्दा उठाया है.

'गहलोत जी, अधिकारियों को डराना बंद करें'

शुक्रवार सुबह कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा ने अशोक गहलोत के बयानों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा से ही मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने का काम करती रही है. सुमित गोदारा ने स्पष्ट किया कि SIR की प्रक्रिया भारतीय निर्वाचन आयोग की तरफ से संचालित की जाती है, जो एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है. इसमें सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं होता. गोदारा ने याद दिलाया कि आजादी के बाद देश में 11 बार SIR हुआ है, जिसमें से 10 बार कांग्रेस शासन के दौरान हुआ. उन्होंने सवाल किया कि क्या उस वक्त भी अधिकारी दबाव में थे?

पूर्व सीएम को दिखाया आईना, फोन टैपिंग का जिक्र

गहलोत पर निशाना साधते हुए गोदारा ने कहा, 'अधिकारियों को प्रभावित करने और विधायकों के कॉल रिकॉर्ड करने का काम आपने (गहलोत) किया था, जिसका आरोप आपके खुद के OSD ने लगाया था.' कैबिनेट मंत्री ने आगे कहा कि 15 साल मुख्यमंत्री रहने के बाद भी गहलोत संवैधानिक संस्थाओं पर आक्षेप लगाकर जनता में भ्रम पैदा कर रहे हैं. इसीलिए पूरे भारत ने कांग्रेस को नकार दिया है.

'विपक्ष के पास अब कोई मुद्दा नहीं बचा'

वहीं, भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ ने भी सोशल मीडिया के जरिए गहलोत पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री को शायद यह पता नहीं है कि SIR प्रक्रिया न तो सरकार करती है और न ही कोई पार्टी. यह पूरी तरह से चुनाव आयोग का मामला है. राठौड़ ने इसे गहलोत का 'भ्रामक और झूठा प्रचार' करार दिया.

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क्या था अशोक गहलोत का आरोप?

बता दें कि 15 जनवरी 2026 को अशोक गहलोत ने दो ट्वीट कर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे. गहलोत ने दावा था किया कि अनजान व्यक्तियों द्वारा फॉर्म-7 भरकर कांग्रेस समर्थकों के नाम कटवाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि BLOs पर दबाव डाला जा रहा है और इनकार करने वाले अधिकारियों को तबादलों की धमकी दी जा रही है. गहलोत ने कहा कि उनके खुद के निर्वाचन क्षेत्र सरदारपुरा में भी ऐसी कोशिशें हुई हैं. उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि- 'सरकारें आती-जाती रहती हैं, नियम विरुद्ध काम करने वालों पर कार्रवाई होगी.'

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4 राज्यों में SIR की अंतिम तिथि बढ़ी

इस राजनीति के बीच राजस्थान समेत 4 राज्यों में SIR रिवीजन की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है. निर्वाचन आयोग ने पुदुचेरी, गोवा, लक्षद्वीप, राजस्थान और पश्चिम बंगाल में समयसीमा बढ़ा दी है. अब आपत्ति दर्ज करने की अंतिम तारीख 19 जनवरी कर दी गई है.

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