विज्ञापन
This Article is From Jan 31, 2026

Gold-Silver Price Crash: एक दिन में ₹1 लाख गिरी चांदी, सोना भी धड़ाम; क्या निवेश का यही सही समय है या डूब जाएगा पैसा?

Gold-Silver Crash: सोना और चांदी रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद अचानक धड़ाम हो गए हैं. चांदी की कीमतों में एक ही दिन में ₹1 लाख से ज्यादा की गिरावट आई है. आखिर क्यों मची है बाजार में यह खलबली और क्या यह खरीदारी का सही मौका है? एक्सपर्ट्स की चेतावनी और कीमतों का पूरा गणित यहां समझें.

Gold-Silver Price Crash: एक दिन में ₹1 लाख गिरी चांदी, सोना भी धड़ाम; क्या निवेश का यही सही समय है या डूब जाएगा पैसा?
Gold-Silver Crash: रिकॉर्ड तोड़ ऊंचाई से क्यों गिरे सोना-चांदी? निवेश से पहले ये अलर्ट पढ़ें

Rajasthan News: अगर आप भी सोना या चांदी खरीदने का मन बना रहे थे, तो ठहर जाइए! वैश्विक बाजारों में मची उथल-पुथल का असर भारतीय सर्राफा बाजार पर भी जबरदस्त तरीके से पड़ा है. गुरुवार तक आसमान छू रहे सोने और चांदी की कीमतों में शुक्रवार को ऐसी गिरावट आई कि निवेशकों के करोड़ों रुपये स्वाहा हो गए.

भारतीय बाजार में आज क्या हैं भाव?

शुक्रवार की भारी गिरावट के बाद स्थानीय सर्राफा बाजार में सोने के भाव अब इस स्तर पर आ गए हैं:-

  • 24 कैरेट सोना: ₹1,60,580 प्रति 10 ग्राम (करीब 17.53% की गिरावट के बाद).
  • 22 कैरेट सोना: ₹1,47,200 प्रति 10 ग्राम.
  • 18 कैरेट सोना: ₹1,20,440 प्रति 10 ग्राम.

चांदी की स्थिति: चांदी का भाव बाजार में अभी भी ₹3,40,000 प्रति किलो के करीब बना हुआ है.

चांदी के दाम में ₹1.08 लाख की गिरावट

चांदी में शुक्रवार को जो हुआ, उसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी. चांदी ने एक ही दिन में निवेशकों को अर्श से फर्श पर ला दिया:-

  • गुरुवार का हाई: ट्रेडिंग के दौरान चांदी ₹4,20,048 प्रति किलो के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई थी.
  • शुक्रवार की गिरावट: 5 मार्च की एक्सपायरी वाली चांदी लुढ़ककर ₹2,91,922 प्रति किलो पर आ गई.

यानी सिर्फ 24 घंटों के भीतर चांदी की कीमत में ₹1 लाख से भी ज्यादा की भारी गिरावट दर्ज की गई.

क्यों आई यह सुनामी? (ग्लोबल कारण)

दुनिया भर के बाजारों में मची इस भारी उथल-पुथल के पीछे मुख्य वजह अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) से जुड़ी एक बड़ी खबर है. दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप द्वारा केविन वार्श को फेड का नया चेयरमैन नामित करने के संकेत मिलते ही ग्लोबल मार्केट का रुख पूरी तरह बदल गया. इसके अलावा, ऊंचे दामों पर पहुंचे सोने और चांदी से बड़े निवेशकों ने मुनाफा कमाने के लिए अपनी 'प्रॉफिट बुकिंग' शुरू कर दी और तेजी से पैसा निकालना शुरू किया. वहीं, दुनिया भर के केंद्रीय बैंक पहले से ही भारी मात्रा में सोने की खरीदारी कर चुके थे, जिसके कारण अब बाजार में स्थिरता लाने की कोशिशें और तेज हो गई हैं.

चांदी की डिमांड फिर भी क्यों है 'सुपरहिट'?

भले ही अभी चांदी के दाम गिरे हों, लेकिन इसकी मांग कम नहीं होने वाली और यही वजह है कि इसकी डिमांड अभी भी 'सुपरहिट' बनी हुई है. इसके पीछे सबसे बड़ा कारण चांदी की जबरदस्त इंडस्ट्रियल पावर है. दरअसल क्लीन एनर्जी के दौर में हर सोलर पैनल (Solar Panel) को बनाने में लगभग 20 ग्राम और हर इलेक्ट्रिक कार (EV) में 25-50 ग्राम चांदी का इस्तेमाल होता है. इसके साथ ही बाजार में 'सप्लाई का संकट' भी गहराया हुआ है, क्योंकि पिछले 5 सालों से चांदी की खपत इसके उत्पादन के मुकाबले कहीं ज्यादा बनी हुई है. यही वजह है कि निवेशकों के बीच इसे लेकर भारी क्रेज है और इसमें निवेश की गतिविधि (Trading Activity) पिछले साल के मुकाबले 1,000% ज्यादा दर्ज की गई है.

निवेशकों के लिए एक्सपर्ट्स की चेतावनी

अक्सर भारतीयों में 'FOMO' (पीछे छूट जाने का डर) बहुत ज्यादा देखा जाता है, जिसकी वजह से जब दाम बढ़ते हैं तो लोग और ज्यादा खरीदारी करने लगते हैं. लेकिन निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि चांदी में उतार-चढ़ाव यानी 'वोलेटिलिटी' का जोखिम सोने के मुकाबले लगभग दोगुना होता है.

एक्सपर्ट्स की सलाह है कि कभी भी 'टॉप पर न फंसें', क्योंकि प्रोफेशनल निवेशक हमेशा तब खरीदारी करते हैं जब दाम कम होते हैं. ऐसे में रिकॉर्ड ऊंचाई पर निवेश करना काफी जोखिम भरा हो सकता है.

एक सही पोर्टफोलियो वही है जिसमें अपनी कुल पूंजी का केवल 5% से 15% हिस्सा ही सोने-चांदी जैसी कीमती धातुओं में रखा जाए.

ये भी पढ़ें:- जेब होगी ढीली या होगी भारी बचत? बजट 2026 से पहले आई ज्वेलरी मार्केट से ये खबर

LIVE TV देखें

पूरी स्टोरी पढ़ें

Rajasthan.NDTV.in पर राजस्थान की ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें. देश और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं. इसके अलावा, मनोरंजन की दुनिया हो, या क्रिकेट का खुमार, लाइफ़स्टाइल टिप्स हों, या अनोखी-अनूठी ऑफ़बीट ख़बरें, सब मिलेगा यहां-ढेरों फोटो स्टोरी और वीडियो के साथ.

फॉलो करे:
Close