Budget 2026: वित्त मंत्री मंत्री निर्मला सीतारमण के जरिए पेश किए जाने वाले केंद्रीय बजट 2026 की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है.1 फरवरी 2026 को केंद्र का 9वां बजट पेश होने वाला है. ऐसे में हर कोई राहत की उम्मीद लेकर कल ( शुक्रवार ) के दिन का इंतजार कर रहा है. देश के विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रही महंगाई से राहत की उम्मीद लगाए हुए है. ऐस में सर्राफा व्यापरी भी सरकार की झोली पर टक टकी लगाए हुए है, क्योंकि पिछले साल से बढ़ रही सोने चांदी की किमतों ने खरीदारों से लेकर व्यपारियों को रुला के रख दिया है.
ऐसे में जयपुर के आभूषण उद्योग की निगाहें भी इस बार के आम बजट 2026 पर नजरे टिकाएं हुए है क्या सरकार करों के बोझ को कम करेगी , जिससे आभूषण उद्योग की धीमी रफ्तार को गति मिल सके.
व्यापारियों को घाटा उठाना पड़ रहा है
इसी को लेकर आभूषण उद्योग (Gems and Jewellery Industry) के किशनपुर व्यापर मंडल अध्यक्ष और जयपुर सर्राफा कमेटा उपाध्यक्ष मनीष खुंटेटा ने बजट को लेकर व्यापारिक समुदाय की चिंताओं और उम्मीदों को साझा किया. उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में व्यापारी टैक्स और इनकम टैक्स दोनों ही मोर्चे पर राहत की उम्मीद कर रहे हैं. उनका कहना है कि अगर सरकार कस्टम ड्यूटी और जीएसटी में राहत देती है तो बढ़ती सोने- चांदी की कीमतों में कमी आएगी. साथ ही आम आदमी को काफी लाभ मिलेगा. इसके अलावा उन्होंने आगे कहा कि सोने - चांदी की कीमत बढ़ने से कही न कही जो सेल कम हुई है, जिसका सीधा असर बिजनेस पर पड़ा है, क्योंकि खरीद कम होने के वजह से व्यापारियों को घाटा उठाना पड़ रहा है, जिससे कारीगरों को उचित लाभ नहीं मिला, जिससे इस सेक्टर में बेरोजगारी बढ़ी.
#WATCH | Jaipur, Rajasthan | On Union Budget 2026, Jaipur Jewellers Association member Manish Khunteta says, "Traders are hoping for relief in taxes and income tax... If the government provides relief in customs duty amidst the rising prices of gold and silver, it will benefit… pic.twitter.com/asmRAuLUYD
— ANI (@ANI) January 31, 2026
1 फरवरी को होगा केंद्रीय बजट 2026 पेश
केंद्रीय बजट 2026 की घोषणा 1 फरवरी को होगी. केंद्रीय वित्त मंत्री के जरिए बजट की घोषणा से पहले, विभिन्न उद्योगों और वित्तीय क्षेत्रों में कई अपेक्षाएं हैं. हर देशवासी और सभी वर्ग भविष्य के मद्देनजर बजट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. क्योंकि इस बजट को मध्यम अवधि में अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है.
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