राजस्थान में राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है. प्रमोशन मिलने के 3 महीने बाद भी अब तक 200 तहसीलदारों को पोस्टिंग नहीं मिल पाई है. राज्य सरकार ने 12 दिसंबर 2025 को 200 अधिकारियों को तहसीलदार पद पर पदोन्नत किया था, इनमें राजस्थान तहसीलदार सेवा से चयनित 127 नायब तहसीलदार और अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी वर्ग के 73 अधिकारियों को तहसीलदार पद पर पदोन्नति दी गई थी. हालांकि, अभी तक पोस्टिंग नहीं मिलने से विभागीय कामकाज प्रभावित होने की चर्चा तेज हो गई है.
टीकाराम जूली ने उठाया सवाल
प्रदेशभर में 200 तहसीलदारों के पोस्टिंग का मुद्दा विधानसभा सत्र के दौरान भी उठा. प्रतिपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने राजस्व विभाग की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र सांगानेर तहसील में 27 नवंबर 2025 से तहसीलदार का पद रिक्त है, लेकिन अब तक वहां नियुक्ति नहीं हो सकी है. वहीं विधायक नरेन्द्र बुढानिया ने भी विधानसभा में राजस्व मंत्री हेमंत मीणा पर तंज कसा.
पोस्टिंग में देरी से प्रशासनिक कामों पर असर
विधायक बुढानिया ने कहा कि विभाग अब तक तबादलों की एक सूची तक जारी नहीं कर पाया है. उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि विभाग की स्थिति ऐसी है कि एक पटवारी का तबादला तक नहीं हो पा रहा है. राजस्व विभाग में पदस्थापन और तबादलों में हो रही देरी के कारण प्रशासनिक कार्यों की गति पर असर पड़ने की बात सामने आ रही है. अब यह देखना होगा कि सरकार इन नवपदोन्नत तहसीलदारों की नियुक्ति कब तक सुनिश्चित करती है और विभागीय कार्यप्रणाली को किस तरह गति देती है.
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