गुर्जर समाज ने बयाना में क्यों बुलाई महापंचायत, विजय बैंसला ने बताई वजह... 

विजय बैसला ने बताया कि समाज के 400 से अधिक गांवों में जाकर पीले चावल के साथ निमंत्रण दिया गया है, इस महापंचायत में बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे.

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विजय बैसला

Rajasthan News: गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक विजय बैंसला के नेतृत्व में गुर्जर समाज अपनी मांगों को लेकर 8 जून को बयाना के पीलूपुरा-कारबारी गांव में विशाल महापंचायत आयोजित करने जा रहा है. इस महापंचायत के लिए समाज ने पूरी तैयारी कर ली है. समाज के लोग एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करने को तैयार हैं.

विजय बैंसला ने बताया कि समाज के 400 से अधिक गांवों में जाकर पीले चावल के साथ निमंत्रण दिया गया है. इस महापंचायत में बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे. यह आयोजन गुर्जर समाज की 17 साल पुरानी मांगों को फिर से उठाने का एक प्रयास है.

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17 साल पुराना आंदोलन और मांगें

गुर्जर समाज का आरक्षण आंदोलन 17 साल से चल रहा है. इस दौरान समाज को 2019 में 5% आरक्षण और 10 साल पहले देवनारायण योजना जैसी दो बड़ी उपलब्धियां मिलीं. लेकिन इनका सही तरीके से लागू न होना समाज के लिए चिंता का विषय है. बेटियों को छात्रवृत्ति और स्कूटी वितरण में देरी हो रही है. साथ ही आंदोलन के दौरान दर्ज 74 मुकदमों को सरकार ने वापस लेने से इनकार कर दिया है. 

नियुक्तियों में भेदभाव का आरोप

विजय बैंसला ने बताया कि 2019 में जोधपुर हाईकोर्ट ने कहा था कि गुर्जर समाज को जनरल, ओबीसी और एमबीसी तीनों श्रेणियों में लाभ मिलेगा. शुरू में कुछ नियुक्तियों में यह लाभ मिला, लेकिन बाद में इसे बंद कर दिया गया. रीट भर्ती में 372 अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं मिली. साथ ही 1252 लोगों को सरकारी नौकरियों में स्थायी नहीं किया गया. इसके अलावा आंदोलन में शहीद रूपनारायण की पत्नी अनुकंपा नियुक्ति के लिए धरने पर हैं. 

आंदोलन को लेकर चेतावनी

बैंसला ने कहा कि गुर्जर समाज राजस्थान के विकास में योगदान देना चाहता है, लेकिन समाज को हाशिए पर नहीं धकेला जा सकता. अगर सरकार बातचीत से मांगें नहीं मानती, तो समाज महापंचायत और आंदोलन जैसे कदम उठाने को मजबूर होगा.

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