लोकसभा में हनुमान बेनीवाल ने उठाया GPS इंटरफेरेंस का मुद्दा, सरकार ने स्वीकारा 2354 मामले हुए हैं रिपोर्ट

सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में सामने आई घटनाएं यह संकेत देती हैं कि विमानन क्षेत्र में तकनीकी सुरक्षा को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है.

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हनुमान बेनीवाल

GPS Interference Issue: राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने लोकसभा में देश के हवाई क्षेत्रों में जीपीएस सिग्नलों में हो रहे हस्तक्षेप का मुद्दा उठाया. उन्होंने नागरिक विमानन मंत्रालय से पूछा कि पिछले दो वर्षों और वर्तमान वर्ष में जीपीएस सिग्नलों में छेड़छाड़ या हस्तक्षेप की घटनाओं के कारण देश के विभिन्न हवाई अड्डों पर उड़ानों के संचालन पर कितना असर पड़ा और कितनी उड़ानें प्रभावित हुईं.

2023 से दिसंबर 2025 के बीच 2354 मामले

केंद्रीय नागर विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने लोकसभा में जवाब देते हुए बताया कि एयरलाइनों द्वारा नवंबर 2023 से दिसंबर 2025 के बीच जीपीएस हस्तक्षेप की 2354 घटनाएं रिपोर्ट की गई हैं. वहीं जनवरी 2026 से फरवरी 2026 के बीच 623 घटनाएं सामने आई हैं. मंत्री ने यह भी बताया कि दिल्ली के हवाई क्षेत्र के आसपास इस तरह की घटनाएं दर्ज की गई हैं.

सुरक्षा को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता

सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में सामने आई घटनाएं यह संकेत देती हैं कि विमानन क्षेत्र में तकनीकी सुरक्षा को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है. उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि जीपीएस स्पूफिंग और सिग्नल हस्तक्षेप जैसी घटनाओं को रोकने के लिए उन्नत तकनीक, बेहतर निगरानी प्रणाली और सख्त सुरक्षा उपाय लागू किए जाएं.

उन्होंने कहा कि देश में हवाई यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और सरकार को इस दिशा में त्वरित और ठोस कदम उठाने चाहिए. बेनीवाल ने कहा कि वे संसद के माध्यम से लगातार जनहित, राष्ट्रीय सुरक्षा और आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाते रहेंगे.

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