Rajasthan News: पाकिस्तानी लड़की के प्यार में फंसकर हिंदुस्तान का एक शख़्स साइबर ठग बन गया. पुलिस ने हनुमानगढ़ निवासी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी का मोबाइल फोन देखने पर पुलिस हैरान रह गई. साइबर ठगी कर अपने खाते में पैसे लेकर पाकिस्तान की लड़की को भेज रहा था. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उसने पाकिस्तान जाने के लिए वीज़ा भी अप्लाई किया, लेकिन वीज़ा पूरा नहीं हो सका. पुलिस की जांच में पता चला कि पाकिस्तान से साइबर ठगी का कॉल सेंटर भी चल रहा था. जिससे पाकिस्तान से साइबर ठग भारतीयों को अपना निशाना बना रहे थे.
पाकिस्तान की राबिया के प्यार में था हरदीप
दरअसल, हनुमानगढ़ जिले में पीड़ित राजपाल ने साइबर ठगी की शिकायत दर्ज करवाई थी. जिसके बाद पुलिस ने खुलासा करते हुए हनुमानगढ़ के डबलीराठान गांव निवासी आरोपी हरदीप को गिरफ्तार कर लिया है. पहले तो पुलिस को यह साधारण साइबर ठग लग रहा था, लेकिन जब आरोपी का मोबाइल फोन देखा तो खुद पुलिस हैरान हो गई. हरदीप पाकिस्तान की राबिया के प्यार में था और उसके कहने पर ही उसने साइबर ठगी शुरू की थी. ठगी का पैसा अपनी प्रेमिका के खाते में डलवा रहा था. प्रेमिका के कहने पर ही उसने पाकिस्तान के कुछ अन्य लोगों को भी साइबर ठगी के पैसे पहुंचाए.
पाकिस्तान जाने के लिए अप्लाई किया वीजा
एसपी हरि शंकर ने बताया कि हरदीप पाकिस्तान जाना चाहता था. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उसने पाकिस्तान जाने के लिए वीज़ा भी अप्लाई किया, लेकिन वीज़ा पूरा नहीं हो सका. हरदीप ने राबिया को भारत के व्हाट्सअप नंबर भी दे रखा था और यहां ओटीपी बता कर उसने पाकिस्तान में वह नंबर चालू करवाए. राबिया और उसका पूरा परिवार साइबर ठगी के मामले में लिप्त है. ज़्यादातर भारत के लोगों को ही साइबर ठगी का शिकार बनाया जा रहा था. भारत के नंबर देखकर आसानी से लोगों को विश्वास हो जाता है, इसलिए पाकिस्तानी भारत के नंबर चला रहे थे और उनसे साइबर ठगी कर रहे थे. एनजीओ में मदद के नाम पर तो लोन और प्रोडक्ट बेचने के नाम पर ये साइबर ठगी की जा रही थी. आरोपी हरदीप को 15 पर्सेंट दिया जाता था, बाक़ी का पैसा पाकिस्तानी प्रेमिका ख़ुद रख लेती थी.
जांच में सामने आया कि हरदीप सिंह लोगों से किराए पर बैंक खाते लेकर साइबर धोखाधड़ी करता था. इन बैंक खातों में अब तक 3 करोड़ 26 लाख रुपये का संदिग्ध लेन-देन सामने आया है. पुलिस की शुरुआती जांच में खुलासा हुआ कि हरदीप से जुड़े बैंक खातों पर देश के 14 राज्यों से कुल 36 साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हैं. करीब दो साल पहले आरोपी हरदीप के पास पाकिस्तान के नंबर से फ्रॉड कॉल आया था, कॉल के दौरान आरोपित हरदीप ने फ्रॉड कॉल का पता होने के बावजूद फ्रॉडर से लंबी बातचीत की. जहां से उसने साइबर ठगी में शामिल होने का प्लेटफॉर्म तैयार किया.
आरोपी के पिता गांव में करते हैं खेती
जांच अधिकारी उपनिरीक्षक राजपाल सिंह ने बताया कि आरोपी के पिता गांव में खेती करते हैं. आरोपी गांव से ही कक्षा 12 की परीक्षा पास कर पढ़ाई छोड़ चुका था. अपने ही गांव के भोले भाले मजदूर वर्ग के लोगों को खुद का खाता बंद बता कर छोटे मोटे लालच में फांस लेता था. अशिक्षित और जानकारी के अभाव में भरोसा कर लोग इसके चंगुल में फंस कर अपना खाता ट्रांजेक्शन के लिए दे देते थे. पाकिस्तान में बैठे साइबर अपराधी फेसबुक और इंस्टाग्राम पर सस्ता सामान बेचने और हर्ष साई फाउंडेशन जैसे फर्जी सहायता अभियानों के विज्ञापन दिखाकर लोगों की मदद का झांसा देते और ठगी की वारदातों को अंजाम देते थे. पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 26 बैंक पासबुक, 08 चेकबुक, 18 एटीएम कार्ड, 08 सिम कार्ड, 03 मोबाइल फोन, पाकिस्तान से संबंधित दस्तावेज बरामद किए हैं.
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