Rajasthan News: हनुमानगढ़ जिले के पीलीबंगा क्षेत्र में शुक्रवार (13 फरवरी) को अमरपुरा रेलवे ओवरब्रिज पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया. ओवरब्रिज पर मोड़ के पास बने डिवाइडर से टकराने के बाद एक निजी बस अनियंत्रित होकर पलट गई. हादसे में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि करीब 32 यात्री घायल हो गए. बताया जाता है कि पीलीबंगा नगरपालिका के कर्मचारी इमीलाल के घर में नामकरण संस्कार का आयोजन था. इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बीकानेर के परिवार की बहु के बेटी होने पर आयोजित नामकरण समारोह में शामिल होने आ रहे थे. परिवार के करीब 40 लोग पारंपरिक रस्म ‘छुछक' लेकर निजी बस से पीलीबंगा आ रहे थे. अमरपुरा ओवरब्रिज पर मोड़ के पास अचानक बस डिवाइडर से जा टकराई. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और बस पलट गई.
हादसे में बीकानेर निवासी लक्ष्मी पत्नी शिवलाल बस के नीचे दब गईं, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई. दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई. स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और घायलों को एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया.
12 यात्रियों को हनुमानगढ़ जिला अस्पताल रेफर
घायलों का प्राथमिक उपचार पीलीबंगा में किया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के चलते 12 यात्रियों को हनुमानगढ़ जिला अस्पताल रेफर किया गया है. कुछ घायलों को सूरतगढ़ भी उपचार के लिए ले जाया गया. बस में सवार यात्रियों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे.
मामले की जानकारी देते हुए एएसआई मदनलाल शर्मा ने बताया कि बस में करीब 40 यात्री सवार थे, जिनमें 20 महिलाएं और 10 बच्चे शामिल हैं. सभी यात्री बीकानेर से पीलीबंगा एक पारिवारिक समारोह में शामिल होने आ रहे थे. दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है.
क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त बस हटाया गया
घटना की सूचना मिलते ही पीलीबंगा एसडीएम उमा मित्तल और थानाधिकारी जगदीश प्रसाद पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे. क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त बस को हटाकर यातायात सुचारू कराया गया. वहीं सूचना पर हनुमानगढ़ पुलिस अधीक्षक हरी शंकर भी घटनास्थल पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली.
गौरतलब है कि ओवरब्रिज के ऊपर मोड़ पर निर्मित डिवाइडर के चलते पहले भी कई सड़क दुर्घटनाओं में कई दर्जन लोग घायल हो चुके है. अभी कुछ दिन पहले भी रायसिंह नगर के कई श्रद्धालुओं से भरी क्रूज़र गाड़ी टकरा गई थी जिसमें करीब एक दर्जन लोग गंभीर घायल हुए थे. कई सड़क दुर्घटनाओं के बावजूद विभाग और प्रशासन इस के सुधार के लिए कोई सकारात्मक पहल नहीं कर रहा, ऐसे में सवाल उठता है कि अगर कोई बड़ा हादसा हो जाता है तो उसका जिम्मेदार कौन होगा?
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