Rajasthan News: हनुमानगढ़ के टिब्बी में एथेनॉल फैक्ट्री से जुड़ी दर्ज एफआईआर पर हाईकोर्ट ने किसानों को बड़ी राहत दी है. हाईकोर्ट ने किसानों के खिलाफ दर्ज एफआईआर में आगे की कार्रवाई तत्काल रोक लगाने का आदेश दिया है. साथ ही कोर्ट ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करते हुए 4 हफ्ते के अंदर जवाब मांगा है. हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि एक ही घटना के आधार पर नई एफआईआर दर्ज करना कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग है और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता.
किसानों पर दर्ज हुई थी 2 FIR
दरअसल, राठी खेड़ा में प्रस्तावित एथेनॉल फैक्ट्री के खिलाफ 10 दिसंबर 2025 को बड़ी संख्या में टिब्बी तहसील के सामने किसान और स्थानीय लोग इकट्ठा हुए थे. महापंचायत के बाद उग्र किसानों ने फैक्ट्री पर कूच किया. उस समय एथेनॉल फैक्ट्री परिसर और बाहर खड़ी गाड़ियों में जमकर तोड़फोड़ की गई थी. जिसको लेकर 11 दिसंबर को दोपहर 03:45 बजे एफआईआर दर्ज हुई. इसके बाद उसी मामले में एक और एफआईआर 12 दिसंबर को सुबह 08:11 दर्ज की गई.
बलकौर सिंह समेत कई किसान हैं आरोपी
एथेनॉल फैक्ट्री से जुड़ी दर्ज विवादित एफआईआर में बलकौर सिंह ढिल्लों समेत कुल 482 किसानों को आरोपी बनाया गया था. हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील निशांत गाबा ने किसान नेता और अन्य पक्षकारों की पैरवी की. इस दौरान हाईकोर्ट ने साफ किया कि दोनों FIR में सत्यता, सार, कारण-कार्य, घटना, घटना स्थल, अपराधों की प्रकृति, पुलिस स्टेशन और यहां तक कि पक्षकार भी समान हैं. एक ही घटना के लिए दूसरी FIR दर्ज करना कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा.
हाईकोर्ट ने कहा- हस्तक्षेप आवश्यक है...
हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसे में अदालत की अंतर्निहित शक्तियों का प्रयोग किया जाना उचित है. हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसला का हवाला देते हुए कहा कि इस मामले में हस्तक्षेप आवश्यक है. नोटिस जारी किया जाए. इधर बुधवार को किसानों और स्थानीय लोगों ने तलवाड़ा में महापंचायत की, जिसमें 23 मार्च को टिब्बी में अंतिम महापंचायत करने का ऐलान हुआ है. इस बीच अगर किसानों की मांग नहीं पूरी हुई तो किसान जयपुर कूच करेंगे.
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