हनुमानगढ़ में पिस्तौल के साथ गिरफ्तार हुए युवक पर दर्ज हुआ देशद्रोह का मुकदमा, जानें क्या है पूरा मामला

हनुमानगढ़ पुलिस ने एक बड़ी साजिश नाकाम की है. अवैध पिस्तौल के साथ पकड़ा गया सुनील उर्फ धोलू सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी के संपर्क में था. पुलिस ने उस पर देशद्रोह का केस दर्ज कर लिया है.

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हनुमानगढ़: जिसे मामूली बदमाश समझकर पकड़ा, वो निकला 'पाकिस्तानी आतंकी' का साथी; मोबाइल ने खोले बड़े राज
NDTV Reporter

Hanumangarh News: राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में जंक्शन पुलिस की एक कार्रवाई ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े बड़े खतरे का पर्दाफाश किया है. अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किए गए एक स्थानीय अपराधी के तार सीमा पार बैठे पाकिस्तानी आतंकियों से जुड़े होने के सबूत मिले हैं. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के खिलाफ देशद्रोह की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है.

मामूली गिरफ्तारी से 'देशद्रोह' के मुकदमे तक की कहानी

जंक्शन पुलिस ने बीते दिनों सुनील उर्फ धोलू नामक युवक को एक देसी पिस्तौल के साथ दबोचा था. शुरुआती जांच में यह अवैध हथियार रखने का मामला लग रहा था, लेकिन जब पुलिस ने तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से आरोपी का मोबाइल फोन खंगाला, तो चौकाने वाले सबूत मिले. जांच में सामने आया कि सुनील सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी के संपर्क में रहने की कोशिश कर रहा था. आरोपी न केवल उसकी आईडी को फॉलो कर रहा था, बल्कि उससे सीधे संवाद स्थापित करने के प्रयास में भी था.

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कौन है शहजाद भट्टी और क्या थी साजिश?

पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी का नाम पहले भी भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर रहा है. कुछ समय पहले हरियाणा के अंबाला में गिरफ्तार हुए तीन आतंकियों से पूछताछ में खुलासा हुआ था कि शहजाद भट्टी ने हनुमानगढ़ सहित भारत के कई प्रमुख शहरों में बम धमाकों की योजना बनाई थी. पुलिस जांच में सामने आया है कि भट्टी स्थानीय अपराधियों को लालच देकर उन्हें अपने नेटवर्क में शामिल करने की कोशिश कर रहा है. इससे पहले टाउन पुलिस ने जसवंत नामक एक अन्य युवक को भी इसी तरह के आरोपों में गिरफ्तार किया था.

आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड

पुलिस अधीक्षक नरेंद्र मीणा के अनुसार, सुनील उर्फ धोलू का इतिहास काफी दागदार रहा है. उस पर पहले से ही हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) सहित 10 से अधिक संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. अब पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि आरोपी केवल आतंकी से प्रभावित था या वह किसी बड़े 'स्लीपर सेल' के मॉड्यूल का हिस्सा बन चुका था.

सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ी सतर्कता

इस खुलासे के बाद जिला पुलिस के साथ-साथ राज्य की इंटेलिजेंस एजेंसियां भी अलर्ट पर हैं. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या जिले में और भी ऐसे युवक हैं जो सोशल मीडिया के जरिए इस आतंकी नेटवर्क के झांसे में आ रहे हैं. एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स भी जांच में सहयोग कर रही है.

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