खाटूश्याम जी के दर्शन करने पहुंचे हरभजन सिंह, T20 World Cup के बाद टीम इंडिया की निरंतर जीत की कामना

भारतीय गेंदबाजों में  टॉप स्पिनर खिलाड़ियों में सुमार मशहूर भारतीय टीम के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी हरभजन सिंह बाबा श्याम के दर्शन करने के लिए खाटू श्याम जी पहुंचे.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
खाटूश्याम मंदिर पहुंचे हरभजन सिंह

Harbhajan Singh Khatushyam Ji: राजस्थान के सीकर जिले में स्थित दुनिया भर में मशहूर खाटूश्याम जी का मंदिर है. इस मंदिर में आम से लेकर खास तक मत्था टेकन के लिए पहुंचते हैं. इसी कड़ी में भारतीय टीम के पूर्व दिग्गज गेंदबाज हरभजन सिंह सोमवार (9 मार्च) खाटूश्याम मंदिर पहुंचे. हरभजन सिंह एक दिवसीय दौरे पर खाटूश्याम जी के मंदिर पहुंचे. बीते रविवार (8 मार्च) को भारतीय टीम ने टी20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया. इसके फाइनल मैच में हरभजन सिंह कमेंट्री कर रहे थे. वहीं दूसरे ही दिन हरभजन खाटूश्याम मंदिर पहुंचे.

टीम इंडिया के निरंतर जीत की कामना

भारतीय गेंदबाजों में  टॉप स्पिनर खिलाड़ियों में सुमार मशहूर भारतीय टीम के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी हरभजन सिंह बाबा श्याम के दर्शन करने के लिए खाटू श्याम जी पहुंचे, जहां उन्होंने दर्शन कर बाबा श्याम से देश प्रदेश और भारतीय टीम के निरंतर आगे बढ़ते रहने के लिए कामना की और दुआएं मांगी. 

जयपुर में टी20 वर्ल्ड कप फाइनल की कमेंट्री 

गौरतलब है कि  हरभजन सिंह कल रविवार को एक दिवसीय दौरे पर जयपुर आए हुए थे, जहां से उन्होंने भारतीय टीम के लिए हिंदी और पंजाबी में कमेंट्री भी की थी . और भारतीय टीम की शानदार जीत के बाद आज एक दिवसीय दौरे पर बाबा श्याम के दरबार पहुंचे.

श्री श्याम मंदिर कमेटी के मंत्रिमंडल चौहान ने हरभजन सिंह का स्वागत कर पूजा अर्चना करवाईं और बाबा श्याम का दुपट्टा और प्रतीक चिन्ह देकर बाबा का आशीर्वाद भी दिया. इस दौरान हरभजन सिंह ने श्री श्याम मंदिर कमेटी की दर्शन व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा की और संतोष व्यक्त किया कि बाबा श्याम के दर पर आने वाले भक्तों को दर्शनों की बहुत शानदार व्यवस्था श्री श्याम मंदिर कमेटी द्वारा की गई है . हरभजन सिंह करीब आधा घंटे मंदिर कमेटी कार्यालय में रुके. इस दौरान अनेक क्रिकेट प्रेमियों ने उनसे मुलाकात की.

Advertisement

यह भी पढ़ेंः करणी सेना का सुखदेव गोगामेड़ी हत्या मामले में अल्टीमेटम, 29 मार्च तक मांग नहीं मानी तो जयपुर में डालेंगे महापड़ाव