Jhunjhunu News: झुंझुनूं कोतवाली पुलिस कोतवाली पुलिस हरियाणा के कुख्यात गैंगस्टर और लॉरेंस बिश्नोई-गोल्डी बराड़ गिरोह के मुख्य सदस्य सचिन भिवानी को प्रोडक्शन वारंट पर झुंझुनूं लेकर आई. जहां चार दिनों तक कड़ी सुरक्षा के बीच उससे पूछताछ की गई. चार दिनों तक कड़ी सुरक्षा और 'हाई अलर्ट' के बीच हुई पूछताछ के बाद, आज सचिन को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत (जेल) भेजने के आदेश दिए गए हैं. सचिन पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला को मारने वाले शूटरों में भी शामिल था.
सिद्धू मूसेवाला को मारने वाले शूटरों में था शामिल
सचिन भिवानी पर हरियाणा और राजस्थान में हत्या, रंगदारी और मारपीट के प्रयास समेत 12 से ज्यादा मामले दर्ज हैं. वह लंबे समय से लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग के लिए काम कर रहा था और राजस्थान में उसकी सक्रियता ज्यादा मानी जाती है.
चार साल पुराने अपहरण और मारपीट के मामले में चल रहा था वांटेड
एएसपी देवेंद्र सिंह राजावत ने जानकारी देते हुए बताया कि झुंझुनूं कोतवाली थाने में दर्ज चार साल पुराने अपहरण और मारपीट के मामले में वह वांटेड चल रहा था. पुलिस के अनुसार साल 2022 में भड़ौंदा गांव निवासी संदीप डांगी और गैंगस्टर संपत नेहरा के बीच लेन-देन का विवाद हुआ था. उसी विवाद के चलते आरोप है कि उसने संपत नेहरा के कहने पर गुढ़ा मोड़ से संदीप डांगी का अपहरण और मारपीट कर उसे लोहारू के पास छोड़कर चले गए थे. इस मामले में पुलिस पहले ही सचिन के सहयोगी और हरियाणा के बदमाश कपिल पंडित को गिरफ्तार कर चुकी है. कपिल पंडित भी लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गिरोह के लिए काम करता बताया जाता है.
झुंझुनूं पुलिस की गिरफ्त में सचिन भिवानी
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किले में तब्दील रहा कोतवाली थाना और कोर्ट
गैंगस्टर की सक्रियता और खतरे को देखते हुए पूरा झुंझुनूं पुलिस महकमा अलर्ट मोड पर रहा. कोतवाली थाने को हाई सिक्योरिटी जोन में बदला गया था. राजकीय बीडीके अस्पताल में मेडिकल के दौरान और कोर्ट परिसर में क्यूआरटी (QRT) टीम के साथ अतिरिक्त जाब्ता तैनात रहा. एएसपी देवेंद्र सिंह राजावत की निगरानी में पुलिस ने हथियारबंद जवानों के घेरे में सचिन को कोर्ट में पेश किया.
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