Sikar News: राजस्थान के सीकर जिले के रींगस कस्बे से ईमानदारी की एक ऐसी कहानी सामने आई है जिसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है. श्रीमाधोपुर डिपो की एक रोडवेज बस के ड्राइवर बनवारी लाल कुड़ी ने वो कर दिखाया, जिसकी उम्मीद आज के दौर में कम ही लोग करते हैं. उन्होंने 65 हजार रुपयों से भरा बैग उसके असली मालिक तक पहुंचाकर साबित कर दिया कि इंसानियत आज भी जिंदा है.
किराया देने के लिए हाथ डाला तो...
गोविंदपुरा निवासी रिटायर्ड यूडीसी बजरंग लाल शर्मा श्रीमाधोपुर से रींगस की यात्रा कर रहे थे. सफर के दौरान सब कुछ ठीक था, लेकिन रींगस स्टैंड पर उतरते ही कहानी में मोड़ आ गया. जल्दबाजी में उनका बैग किसी दूसरे यात्री के बैग से बदल गया. बजरंग लाल को इस बात का अहसास तब हुआ जब उन्होंने ऑटो का किराया देने के लिए बैग खोला. बैग में 65 हजार रुपये की मोटी रकम थी, जिसे खोया देख उनके पसीने छूट गए.
जयपुर से लौटते हुए ऐसे ढूंढा बैग का असली हकदार
उधर, बस ड्राइवर बनवारी लाल कुड़ी को बस में एक लावारिस बैग मिला. उन्होंने बिना लालच के तुरंत उसकी पहचान करने की कोशिश शुरू की. अपनी ड्यूटी पूरी कर जब वे जयपुर से वापस लौटे, तो सीधे रींगस पहुंचे. पूरी तस्दीक और ईमानदारी के साथ उन्होंने बजरंग लाल शर्मा को तलाश कर उनका रुपयों से भरा बैग सुरक्षित सौंप दिया.
हर तरफ हो रही ड्राइवर की चर्चा
अपना खोया हुआ धन और मेहनत की कमाई वापस पाकर रिटायर्ड यूडीसी की आंखों में आंसू आ गए. उन्होंने रोडवेज चालक का आभार जताते हुए उनकी ईमानदारी को नमन किया. अब पूरे क्षेत्र और श्रीमाधोपुर डिपो में ड्राइवर बनवारी लाल की नेकदिली की चर्चा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे ही ईमानदार कर्मचारियों की बदौलत सरकारी सेवाओं पर जनता का भरोसा कायम है.
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