डेढ़ साल में 3.40 अरब की हेरोइन ड्रोन से ड्रॉप, राजस्थान बॉर्डर पर खतरनाक पाकिस्तानी नेटवर्क सक्रिय

Sri Ganganagar: 2024 और 2025 में अब तक कुल 68 किलो 900 ग्राम हेरोइन विभिन्न लोकेशन पर ड्रॉप की जा चुकी है. अगस्त 2024 में अनूपगढ़ के 30 APD गांव में 3 किलो, दिसंबर 2024 में करणपुर सेक्टर में 6.5 किलो, मार्च 2025 में गजसिंहपुर व 12 KND में कुल 4 किलो और मई 2025 में अनूपगढ़ में पौने दो किलो हेरोइन ड्रॉप हुई है.

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प्रतीकात्मक फोटो

भारत-पाकिस्तान बॉर्डर से सटे श्रीगंगानगर जिले में ड्रोन के माध्यम से हेरोइन की तस्करी तेजी से बढ़ती जा रही है. पाकिस्तान की ओर से भेजी जा रही हेरोइन राजस्थान के इस सीमावर्ती जिले के रास्ते अन्य राज्यों तक पहुँचती है. पिछले डेढ़ साल में तकरीबन तीन अरब चालीस करोड़ रुपये की हेरोइन ड्रोन द्वारा भारतीय सीमा में ड्रॉप की जा चुकी है, जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गई है.

पाकिस्तान और पंजाब के तस्कर मिलकर सीमावर्ती इलाकों के लोगों को फंसाकर हेरोइन ड्रॉप करवाने का नेटवर्क तैयार करते हैं. पंजाब के बड़े तस्कर राजस्थान के सीमावर्ती गांवों के लोगों को लालच देकर इस्तेमाल करते हैं. निर्धारित लोकेशन पर पाकिस्तानी तस्कर तुर्की और अमेरिकन ड्रोन के जरिए हेरोइन के पैकेट गिराते हैं, जो आसानी से 10 से 15 किलो वजन उठा सकते हैं और ऊंचाई पर कम आवाज में उड़ान भरते हैं. पंजाब में एंटी-ड्रोन तकनीक लागू होने के बाद तस्करी का रुख राजस्थान की सीमा हिंदुमलकोट, करणपुर, केसरीसिंघपुर और अनूपगढ़ की ओर बढ़ गया है.

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2024 और 2025 में अब तक कई किलो हेरोइन ड्रॉप

2024 और 2025 में अब तक कुल 68 किलो 900 ग्राम हेरोइन विभिन्न लोकेशन पर ड्रॉप की जा चुकी है. अगस्त 2024 में अनूपगढ़ के 30 APD गांव में 3 किलो, दिसंबर 2024 में करणपुर सेक्टर में 6.5 किलो, मार्च 2025 में गजसिंहपुर व 12 KND में कुल 4 किलो और मई 2025 में अनूपगढ़ में पौने दो किलो हेरोइन ड्रॉप हुई है. अक्टूबर 2025 में भी करणपुर सेक्टर में 1 किलो ड्रॉप होने की पुष्टि हुई. अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक किलो हेरोइन की कीमत लगभग 5 करोड़ रुपये होती है.

ड्रोन के जरिए हथियारों की सप्लाई भी बढ़ने लगी है

हेरोइन के साथ-साथ ड्रोन के जरिए हथियारों की सप्लाई भी बढ़ने लगी है. हाल ही में गुजरात में पकड़े गए आतंकियों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि उनके पास से बरामद हथियार हनुमानगढ़ में ड्रोन से ड्रॉप किए गए थे. दिसंबर में करणपुर सेक्टर में सीमा के पास मिले एक पैकेट से दो पिस्तौल, दो मैगजीन और सात कारतूस भी बरामद किए गए. यह घटनाएं साबित करती हैं कि यह इलाका ड्रग और हथियारों का नया कॉरिडोर बनता जा रहा है.

श्रीगंगानगर एसपी डॉ. अमृता दुहन ने क्या कहा ?  

सुरक्षा एजेंसियां इस नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार प्रयासरत हैं. श्रीगंगानगर एसपी डॉ. अमृता दुहन के अनुसार, तस्करों को पंजाब से लोकल सपोर्ट मिलता है, जिससे उनका नेटवर्क सक्रिय रहता है. इसे रोकने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने ऑपरेशन सीमा संकल्प चलाया है. इसके तहत सप्लाई और डिमांड चैन तोड़ने, बॉर्डर पर सूचना तंत्र मजबूत करने और लोगों को नशे की तस्करी से दूर रहने के लिए जागरूक किया जा रहा है.

अवैध रूप से अर्जित संपत्ति पर भी कार्रवाई की जा रही है

नशा कारोबारियों द्वारा अवैध रूप से अर्जित संपत्ति पर भी कार्रवाई की जा रही है. वर्ष 2024 में एनडीपीएस एक्ट के तहत 9 संपत्तियां फ्रीज की गईं, जिनकी कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये है. वर्ष 2025 में अब तक 6 संपत्तियां फ्रीज की जा चुकी हैं, जिनकी कीमत लगभग 6.5 करोड़ रुपये है. इसी तरह अतिक्रमण के खिलाफ 2024 में 25 और 2025 में 7 कार्रवाइयाँ की गईं, जिनकी कुल कीमत लगभग 14.5 करोड़ रुपये बताई जाती है.

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