Hit and Run Law: ट्रक ट्राइवर्स की हड़ताल के कारण महंगी हुईं सब्जियां, व्यापारी बोले- '1-2 दिन में 4 गुना तक बढ़ेंगे दाम'

Vegetables Price Hike: कल तक जो सब्जी बाजार में ₹40 किलो बिकती थी, वह आज 60 से 70 रुपए किलो तक हो गई है. वहीं सब्जी विक्रेताओं ने बताया कि आने वाले अगर एक-दो दिन में सब्जियां अगर मंडी में नहीं आएगी तो भाव चौगुने तक हो जाएंगे.

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Rajasthan News: नए हिट एंड रन कानून के विरोध में प्रदेश भर के ट्रक, डंपर, बस और ऑटो चालकों ने आंदोलन शुरू कर दिया है. जोधपुर में भी इसका असर देखने को मिलने लगा है. जोधपुर में बाहर से आने वाले वाहनों के पहिए थम गए हैं, जिससे अब आमजन में भी थोड़ा से डर देखने को मिलने लगा है. चाहे किराने की बात करें या सब्जी और फल फ्रुट की. लोगों ने स्टॉक करना शुरू कर दिया है, जिसकी वजह से आम दिनों की बजाय मंगलवार को भाव भी दोगुने हो गए हैं. 

कल तक जो सब्जी बाजार में ₹40 किलो बिकती थी, वह आज 60 से 70 रुपए किलो तक हो गई है. वहीं सब्जी विक्रेताओं ने बताया कि आने वाले अगर एक-दो दिन में सब्जियां अगर मंडी में नहीं आएगी तो भाव चौगुने तक हो जाएंगे जिसका असर आम लोगों पर पड़ेगा. उधर, अपनी सब्जियों को बेचने के लिए आने वाले किसानों के चेहरे पर भी चिंता की लकीरें देखी जा रही हैं. किसानों का कहना है कि उन्हें मंडी में सब्जियां लाने के लिए वाहन नहीं मिल रहे हैं. ऐसे में उनकी फसलें और सब्जियां खेत में पड़ी पड़ी खराब हो रही है. लोगों ने इन सबको ध्यान में रखते हुए अभी से सामान एकत्र करना शुरू कर दिया है, ताकि उनको बाद में किसी तरह की समस्या ना हो. इसकी वजह से अब सामान के दाम भी बढ़ गए हैं. 

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नए सुरक्षा के नियमों को देखते हुए विरोध तो नहीं है लेकिन अघोषित हड़ताल का असर जरूर रोडवेज, ट्रक ड्राइवरों पर नजर आ रहा है. शहर की कृषि उपज मंडी में भी बाहर से आने वाले ट्रक अभी बंद हो गए हैं. अगर बात करें रोडवेज की तो सरकारी बसों के साथ निजी बसों का संचालन तो चल रहा है, लेकिन बस ड्राइवर को भी पता नहीं है कि वह गंतव्य स्थान तक पहुंच पाएंगे या नहीं. ऐसे में रोडवेज बस स्टैंड पर ड्राइवर यात्रियों से पहले ही कह देते हैं, कि अगर कहीं रास्ते में जाम लगा हुआ होगा तो उन्हें नजदीकी डिपो पर ही उतार दिया जाएगा. ऐसे में बसों में यात्रा करने वाले यात्री भी काफी परेशान हो रहे हैं, जबकि रोडवेज का कहना है कि उनकी सबसे पहले प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा होती है. और जगह-जगह रास्ते में जाम होने के कारण वह कोई रिस्क नहीं ले सकते. लेकिन सरकारी वाहन है इसलिए ड्यूटी भी करनी पड़ेगी लेकिन यात्रियों की जान जोखिम में नहीं डाल सकते.

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