हनीट्रैप गैंग का खुलासा, भाई-बहन चला रहे थे गिरोह, पुलिस -पब्लिक किसी को नहीं छोड़ा, ब्लैकमेल कर लूटे करोड़ों

Sister and Brother Running Gang In Alwar: हनीट्रैप गैंग के शिकार होने वालों में आमजन ही नहीं, बल्कि राजस्थान पुलिस में तैनात कई पुलिसकर्मी भी शामिल हैं. गैंग ने हनी ट्रैप के शिकार हुए राजस्थान पुलिस में एक सिपाही से 90 लाख रुपए और दूसरे सिपाहीको ब्लैकमेल करके 6.5 लाख रुपए ठगे हैं.

विज्ञापन
Read Time: 17 mins
हनीट्रैप गैंग चलाने वाले भाई-बहन को पुलिस ने गिरफ्तार किया

Honeytrap Gang Busted: अलवर शहर में हनी ट्रैप करके ब्लैकमेल करके करोड़ों रुपए लूटने वाले एक बड़े गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है. पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें दो महिला और पुरुष शामिल है. जबकि एक अन्य की पुलिस तलाश कर रही है. पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार सभी आरोपी एक ही परिवार के हैं.

पुलिस के मुताबिक हनीट्रैप गिरोह चलाने वाले सभी आरोपी एक ही परिवार के हैं, जो हनीट्रैप कर लोगों को फांसते थे, फिर ब्लैकमेल कर रुपए ऐंठते थे. सभी आरोपी एक ही परिवार के हैं और रिश्ते में भाई-बहन बताए जा रहै हैं. गिरफ्तार सभी आरोपियों पुलिस ने मंगलवार की कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 3 दिन की पुलिस डिमांड में भेजा गया है.

Advertisement
हनीट्रैप गैंग के शिकार होने वालों में आमजन ही नहीं, बल्कि राजस्थान पुलिस में तैनात कई पुलिसकर्मी भी शामिल हैं. गैंग ने हनी ट्रैप के शिकार हुए राजस्थान पुलिस में एक सिपाही से 90 लाख रुपए और दूसरे सिपाहीको ब्लैकमेल करके 6.5 लाख रुपए ठगे हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक अरावली विहार थाना पुलिस ने गैंग के तीन लोगों को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है. उनकी पहचान क्रमशः कविता, संगीता व पूजा के रूप में हुई है, जो आपस में बहनें हैं, जबकि तीन महिलाओं के साथ गिरफ्तार हुआ दिगंबर नामक शख्स उनका भाई है.

मूल रूप से डीग जिले के रहने वाले चारों आरोपी जिले के रामानंद नगर कॉलोनी में रहते हैं. गिरोह की सरगना कविता पूर्व में अरावली विहार थाना पुलिस के ASI रामजीत गुर्जर पर बलात्कार का आरोप लगा चुकी है, जिसे अदालत द्वारा सजा सुनाई गई थी।और नौकरी से बर्खास्त किया गया था.


गौरतलब है डीग जिले के कुम्हेर एसएचओ महेंद्र कुमार राठी और जयपुर के जोबनेर पुलिस थाने में तैनाता सिपाही रोहिताश रैगर भी हनीट्रैप शिकार कर चुकी है. थानें में दर्ज शिकायत के मुताबिक महिला ने सोशल मीडिया के जरिए संपर्क किया और फिर आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बनाने के बाद रेप का मुकदमा का डर दिखाकर उन्हें ब्लैकमेलिंग किया.

पीड़ितों के मुताबिक ब्लैकमेल करने वाली महिला के साथ उसके भाई-बहन भी शामिल थे, जो वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर पैसे ऐंठते थे. शिकायत के मुताबिक गैंग ने इंस्पेक्टर ने कई टुकड़ों में कुल 90 लाख रुपए नेट बैंकिंग और शेष राशि ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए ऐंठे.

पीड़ित सिपाही रोहतास रेगर ने बताया कि वर्ष 2021 में जयपुर जाते समय बस में उसकी कविता नामक महिला से मुलाकात हुई. सहायता के नाम पर उसने अलवर स्थित घर बुलाया. घर पहुंचा तो खाने में नशीला पदार्थ खिला दिया. सुबह आंख खुली तो वर्दी व आईडी कार्ड गायब थे.

पीड़ित पुलिसकर्मी के मुताबिक महिला व साथियों ने आईडी कार्ड और वर्दी देने के बदले ब्लैकमेल करके लाखों रुपए ऐंठ लिए. पीड़ित ने इस संबंध में फोन चैटिंग सहित अन्य सबूत भी थाने में पेश किया है. आरोप है कि उक्त महिला पर पहले भी सात मुकदमे दर्ज कर चुकी है, जिसमें दुष्कर्म, मारपीट और दहेज प्रताड़ना का मुकदमा शामिल है.

Advertisement

मामला दर्ज होने के बाद अरावली थाने की पुलिस ने महिला के घर छापेमारी की, जहां से आपत्तिजनक सामग्री सहित अन्य दस्तावेज बरामद हुए. पुलिस को महिला के मोड्स ऑपरंडी का पता लगा. पुलिस आरोपियों के खाते की डिटेल कंगाल रही है ताकि शिकार हुए अन्य लोगों की जानकारी जुटा सके. 

ये भी पढ़ें-राजस्थान में Honey Trap का बड़ा मामला, पुलिस ने 6 को किया गिरफ्तार और 5 बाल अपचारी को भी किया गया निरुद्ध

Advertisement