राजस्थान में साध्वी प्रेम बाईसा की मौत अभी भी एक रहस्य बनी हुई है. हालांकि पिछले शनिवार, 14 फरवरी को पुलिस ने इस मामले में बड़े विस्तार से जानकारी दी थी. साध्वी की 28 जनवरी को जोधपुर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी. उसके बाद उनके पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आई जिसमें ज़हर नहीं होने की पुष्टि की गई. इसके 18 दिन बाद उनकी विसरा रिपोर्ट के आधार पुलिस ने बताया कि साध्वी की मौत जिस दिन हुई उस दिन क्या हुआ था.
जोधपुर के पुलिस कमिश्नर ओम प्रकाश ने पिछले सप्ताह प्रेस कॉन्फ़्रेंस में जानकारी दी कि प्रेम बाईसा की आश्रम में तबीयत खराब हो गई थी और उन्हें सांस लेने में परेशानी हो रही थी. इसके बाद उनके पिता विरमनाथ के बुलाने पर आए कंपाउंडर देवी सिंह ने प्रेम बाईसा को दो इंजेक्शन लगाए जिसके बाद उनकी तबीयत और ज्यादा खराब हो गई और कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई. पुलिस ने बताया कि साध्वी को पहले से अस्थमा और सांस की बीमारी थी और उनकी मौत कार्डियक अरेस्ट से हुई.
SIT कर रही गुत्थी सुलझाने के प्रयास
लेकिन, साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के मामले में विशेष जांच दल अभी भी जांच कर रहा है. इस टीम की प्रमुख, एसीपी छवि शर्मा अपनी अगुआई में अभी भी एक-एक पहलू की बारीकी से जांच कर रही हैं. पुलिस के सामने अभी कई सवाल मौजूद हैं जिनकी गुत्थी सुलझाने के प्रयास किए जा रहे हैं.
हालांकि, डॉक्टरों की रिपोर्ट में साध्वी को अस्थमा और कार्डियक अरेस्ट से प्राकृतिक मृत्यु की पुष्टि हो गई है. लेकिन पुलिस ने डॉक्टरों से दोबारा राय मांगी है.
कंपाउंडर के इंजेक्शन और इंस्टाग्राम पोस्ट का रहस्य
इस मामले में कंपाउंडर की लापरवाही की आशंका जताई जा चुकी है. साध्वी की मौत वाले दिन उन्हें एक साथ डेक्सोना और डायनापार इंजेक्शन लगाए गए थे. इसके 20 मिनट बाद उनकी मौत हो गई.
इसके अलावा साध्वी की मृत्यु के प्रकरण में एक और बात की बड़ी चर्चा हुई थी कि उनके इंस्टाग्राम आईडी से मृत्यु के 4 घंटे बाद ही मैसेज क्यों अपलोड किया गया. पुलिस अब इस बारे में भी अंदरूनी तौर पर जांच कर रही है.
ये भी पढ़ें-: